Varanasi उत्तर प्रदेश 

जन आक्रोश पदयात्रा और कार्य सेवा की तैयारी : श्रीगुरु रविदास चबूतरा पंचायती को संरक्षित कराने की मांग, संघर्ष समिति के लोग बोले- 24 अक्टूबर से जताया जाएगा विरोध

Varanasi : मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में श्रीगुरु रविदास ऐतिहासिक स्थल बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। समिति के संरक्षक आचार्य महंत भारत भूषण दास ने कहा कि महान संत, संत शिरोमणि श्रीगुरु रविदास जी महाराज ने चौक पर सदना फकीर को दर्शन और उपदेश दिया था। श्रीगुरु रविदास जी की प्रसिद्धि को सुनकर दिल्ली के बादशाह सिकंदर शाह लोधी ने इस्लाम धर्म स्वीकार कराने के लिए सदना फकीर को काशी भेजा। सदना फकीर प्रथम बार जब श्रीगुरु रविदास जी महाराज से मिला और शास्त्रार्थ किया तो पराजित हो गया, तब से उस स्थान को श्रीगुरु रविदास चबूतरा पंचायती चौक के नाम से पुकारे जाने लगा। कहा, वहां पूर्व से रह रहे रविदास समाज के लोग उक्त स्थल पर पूजा-पाठ और शुभ कार्य करते चले आ रहे हैं।

वर्तमान समय में रविदास समाज के लोगों का भवन अधिग्रहण करते समय मौखिक रूप से अधिकारियों ने कहा था कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाते समय श्रीगुरु रविदास चबूतरा पंचायती को भी संरक्षित कराने के साथ सुंदरीकरण कराया जाएगा। पत्र के माध्यम से भी समय-समय पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जिले के समस्त अधिकारियों को अवगत कराया जाता रहा है।

सोसायटी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय खडगवंशी क्षेत्रीय महासभा उत्तर प्रदेश शाखा की पूर्व प्रांतीय महासचिव नीतू सिंह खरवार ने कहा कि बड़ी दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि भवन अधिग्रहण के वर्षों बाद भी प्रशासक की अवहेलना के कारण आज तक श्रीगुरु रविदास चबूतरा पंचायती को संरक्षित नहीं कराया गया, बल्कि मूल अस्तित्व को भी मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अस्तित्व खतरे में है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि सबका साथ सबका विकास के तहत जो छूट गया है उस पर ध्यानाकर्षण कर जल्द से जल्द श्री गुरु रविदास चबूतरा पंचायती चौक का सुंदरीकरण कराया जाए।

कहा, श्रीगुरु रविदास ऐतिहासिक स्थल बचाओ संघर्ष समिति का उत्तर प्रदेश सरकार और जिले के सक्षम अधिकारियों से मांग करते हैं कि 15 दिन के अंदर श्रीगुरु रविदास चबूतरा पंचायती को संरक्षित कराने के साथ सुंदरीकरण कराया जाए, अन्यथा हम संत समाज और गुरु प्रेमी 24 अक्टूबर को जन आक्रोश पदयात्रा और कार्य सेवा करने के लिए बाध्य होंगे।

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