Health Varanasi 

प्रोत्साहन और संवाद बैठक : DM ने क्षय रोगियों को गोद लेने वाली स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ संवाद किया, मरीजों को सूचीबद्ध करने के निर्देश, बच्चों को मिली पोषण पोटली

Varanasi : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जनपद में क्षय उन्मूलन की दिशा में प्रत्येक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं जिससे जल्द से जल्द क्षय उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। जनपद का दौरा करने आए उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी दिशा-निर्देश दिये कि क्षयरोगियों के स्क्रीनिंग की प्रगति में वृद्धि की जाए। सक्रिय रोगियों के इलाज में भी किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। इसके लिए समस्त आवश्यक दवाओं और उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए।

इसी के मद्देनजर शनिवार को राज्यपाल के दिशा-निर्देशन में सर्किट हाउस में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘प्रोत्साहन व संवाद’ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक गोयल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और टीबी मरीजों को गोद लेने वाली स्वयं सेवी संस्थाओं (एनजीओ) से संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने एनजीओ द्वारा टीबी मरीजों को दी जाने वाली पोषण पोटली और उपचार में प्रदान कर रहे सहयोग के बारे में भी चर्चा की। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन की दिशा में जनपद में दो वर्ष पूर्व कार्य शुरू किया गया था। शुरू में करीब 500 बच्चों को गोद लिया गया था जिनको स्वस्थ कर लिया गया है। अब जनपद में सिर्फ 243 बच्चे हैं जिनको एक सोच संस्था ने गोद लिया है। इस क्रम में अब 18 वर्ष से ऊपर सभी मरीजों को रेड क्रॉस, आईएमए इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) द्वारा भी गोद लिया गया है। उन्होने कहा कि वर्तमान में जिले में करीब 4200 सक्रिय मरीज हैं जिन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ करना प्रमुख लक्ष्य है।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्तमान में जनपद में मौजूद सक्रिय टीबी मरीजों का चिंहांकन ग्रामवार व उनके उपकेंन्द्रवार, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वार तथा इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में वार्ड वार, शहरी पीएचसी वार किया जाए। सभी मरीजों की आर्थिक स्थिति को देखते हुये उन्हें पोषण पोटली वितरण के लिए सूचीबद्ध किया जाए। स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा गोद लिए गए सभी मरीजों को एक नियत दिवस पर पोषण पोटली का वितरण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित करने तथा जन सामान्य को जागरूक करने के लिए एक पम्पलेट तैयार किया जाए, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को शिक्षकों और उनके परिजनों द्वारा भी टीबी मरीजों का चिन्हांकन करने सक्षम हो सकें। इसके साथ ही एफ़एम रेडियो, सोशल मीडिया, प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया आदि के जरिये भी समुदाय को जागरूक किया जा सके। कोविड कंट्रोल रूम की तरह टीबी कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाए जिससे मरीजों का फीडबैक भी प्राप्त किया जा सके। इन सभी प्रयासों से जनपद को जल्द से जल्द क्षय रोग मुक्त करने की दिशा में कार्य किए जाएं।

बैठक में सीडीओ अभिषेक गोयल ने समस्त स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य में ज्यादा से ज्यादा टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित भी किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। जल्द ही वाराणसी जनपद प्रधानमंत्री के विजन वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

बैठक के अंत में एक सोच संस्था द्वारा गोद लिए गए बच्चों को जिलाधिकारी के हाथों पोषण पोटली का वितरण किया गया। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. एके मौर्य, एसीएमओ व रेडक्रोस से डॉ. संजय राय, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष राय, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, स्वयं सेवी संस्थाओं में एक सोच, मारवाड़ी युवा मंच, वर्ल्ड विजन के प्रतिनिधि, विभाग के अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

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