Varanasi धर्म-कर्म 

काशी के घाटों और सरोवरों पर मनाया जाएगा लोकआस्था का महापर्व, किसी प्रकार की कोई मनाही नहीं : DM Varanasi

Varanasi : लोकआस्था का महापर्व डाला छठ बुधवार से नहाया खाय से शुरू हुआ। गुरुवार को पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को महिलाओं ने खरना किया। शुक्रवार को व्रती महिलाएं डूबते सूर्य और शनिवार की भोर में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। कोरोना महामारी को देखते हुए अधिकांश लोगों ने घर के छत्तों पर ही कृत्रिम तालाब का निर्माण कर सूर्यदेव को अर्घ्य देने की तैयारी कर रहे हैं। घर पर गंगा का नजारा तो नहीं मिलेगा, लेकिन कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

इसके साथ ही आस्थावानों ने घाटों पर भी वेदि‍यां बना ली है। शुक्रवार शाम को होने वाले पहले अर्घ्‍य की तैयारि‍यां भी शुरू हो गयी थीं। इसी बीच गुरुवार शाम वि‍भि‍न्‍न सोशल साइट्स पर एक वीडि‍यो वायरल हुआ। जि‍समें दशाश्‍वमेध घाट पर एक अनाउंसमेंट होती सुनी गयी। इस अनाउंसमेंट में वाराणसी के कि‍सी भी घाट पर छठ पूजा की मनाही की बात कही गयी। कहा गया कि‍ ये आदेश वाराणसी जि‍ला प्रशासन की ओर से जारी हुआ है।

मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम कौशल राज शर्मा की ओर से मीडि‍या में बयान जारी कि‍या गया कि‍ कि‍सी ने गलती से ऐसा अनाउंसमेंट कि‍या है। काशी के सभी घाटों और सरोवरों पर शुक्रवार शाम और शनि‍वार सुबह छठ पूजा का आयोजन पूरी परंपरा के साथ नि‍भाया जाएगा। इसके लि‍ये वाराणसी जि‍ला प्रशासन, पुलि‍स वि‍भाग और एनडीआरएफ की टीम तैयारी कर चुकी है।

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