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रामनवमी 2022 : आज के दिन रामचरितमानस, रामायण, रामरक्षास्तोत्र, बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ बेहद फलदाई, भक्ति के लिए उत्साह और भाव जरूरी

Pandit Loknath Shastri

सनातन हिंदू धर्म में राम नवमी का त्योहार बहुत ही विशेष महत्व रखता है। चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी के दिन को भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में बड़े ही उत्साहा और भक्तिभाव से मनाया जाता है। आज के दिन हाथ में अक्षत पुष्प द्रव्य गंगाजल लेकर पूजा और व्रत का संकल्प लें। भगवान राम की पूजा आराधना करें। पूजन में माला, फूल, फल, मिठाई, रोली, चंदन, धूप, दीपक, तुलसी के पत्ते से भगवान राम संग माता सीता की पूजा करें।

पूजा के दौरान सभी जरूरी पूजन सामग्री को प्रयोग करने के बाद इच्छा और सामर्थ्य अनुसार रामचरितमानस, रामायण, रामरक्षास्तोत्र, बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। तत्पश्चात भगवान श्रीराम की आरती करते हुए पूजन कार्यक्रम को समाप्त करते हुए भगवान राम, माता सीता और हनुमानजी से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करें।

रवि-पुष्य योग

धार्मिक धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान राम का जन्म विष्णु के सातवें अवतार के रूप में त्रेतायुग में अयोध्या में राजा दशरथ के घर हुआ था। भगवान राम के जन्म के समय चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, कर्क लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र, मंगल, सूर्य, शनि और गुरु के उच्च भाव में रहते हुआ हुआ। इस वर्ष नवमी तिथि पर भगवान राम के जन्मोत्सव का पर्व बहुत ही शुभ योग में है। दरअसल, रामनवमी के दिन पुष्ययोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग के संयोग है। 

नवमी तिथि चैत्र नवरात्रि की अंतिम तिथि होती है। इस बार रामनवमी के मौके पर रवि-पुष्य योग है। ज्योतिषीय गणना के आधार पर इससे पहले इस तरह का शुभ संयोग साल 2012 को बना था। जब रवि पुष्य योग पर चैत्र नवरात्रि खत्म हुए थे। राम नवमी पर यानी 10 अप्रैल रविवार को सूर्योदय के साथ पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो अगले दिन सूर्योदय तक रहेगा। ऐसे में इस दिन शुभ खरीदारी का मुहूर्त बन रहा है। अबूझ मुहूर्त में शुभ कार्य करने और खरीदारी करना बहुत ही अच्छा माना जाता है।

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