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जिम्मेदारों ने निभाई भरपूर जिम्मेदारी : 11 मंजिली इमारत में लगी भीषण आग, सिलेंडर विस्फोट दहला एरिया, इतने लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया, जांच के लिए DM ने संयुक्त टीम का गठन किया

Varanasi : जिम्मेदारों ने गुरुवार की रात भरपूर जिम्मेदारी निभाई। सिगरा थाना क्षेत्र में मौजूद एक 11 मंजिली इमारत में आग लगने के बाद चार दर्जन से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने आग लगने के कारण, इमारत में बचाव के लिए मौजूद संसाधन आदि-इत्यादि बिंदुओं पर जांच के लिए संयुक्त टीम का गठन किया है। आग लगने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल और NDRF की ओर से हालात संभालने के लिए मुकम्मल इंतजाम किए गए थे। अगलगी की घटना के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।

दरअसल, विद्यापीठ रोड मौजूद अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट में गुरुवार की रात जबरदस्त आग लग गई। फ्लैट जल गया। आग की लपटों की आगोश में आए तीन फ्लैट के लाखों रुपये के सामान भी जल गए। अपार्टमेंट के ऊपरी तल में फंसे चार दर्जन से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। दमकल की दर्जनभर गाड़ियों ने देर रात आग पर काबू पाया। जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे।

चश्मदीदों ने बताया कि कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता का परिवार अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के ब्लॉक-बी में रहता है। पड़ोसी प्रकाश वर्मा का कहना था कि नवरात्र की पूजा और खाना खाने के बाद रात करीब नौ बजे उनका परिवार नीचे लॉबी में टहलने गया। मंदिर में ज्योति से उठी लपटों ने आग का खौफनाक रूप ले लिया।

लपटों ने फ्लैट नंबर 401 को अपनी आगोश मे ले लिया। बगल के फ्लैट संख्या 402, 403 और 404 भी उसकी जद में आ गए। एक के बाद एक तेज धमाके के साथ फटे तकरीबन तीन सिलेंडर के विस्फोट से एरिया दहल गया। फ्लैट के अंदर लगी एसी के कंप्रेशर की वजह से आग और बढ़ गई। शोर सुनकर दौड़े इलाकाई लोगों ने बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की। आग के विकराल रूप के चलते लोगों की हिम्मत जवाब दे गई। जानकारी पर पहुंची दमकल की टीम ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। NDRF को जानकारी दी गई।

11 मंजिली इमारत के चौथे तल्ले पर अगलगी की घटना के बाद फंसे कुछ लोगों ने छत पर जाकर जान बचाई। कुछ बुजुर्ग, महिला और बच्चे फ्लैट के अंदर ही फंसे थे। ब्लॉक में धुआं भर गया था। इमरजेंसी के लिए बनी सीढ़ी भी उतरने लायक नहीं थी। पता चलने पर पहुंचे फ्लैट नंबर 801 के संजय सिंह ने बीवी और बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला। फ्लैट नंबर 704 के अंदर फंसी एक गर्भवती महिला को छत पर भेजा गया। दमकल की टीम ने हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से अंदर फंसे बुजुर्ग, महिला और बच्चों को बाहर निकाला। इमारत में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं थी। आपात स्थिति में सिर्फ एक सीढ़ी है, जिसमें धुआं भरने से निकलना मुश्किल हो गया था। दोनो लिफ्ट ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे।

CDO अभिषेक गोयल के अनुसार, एहतियातन मंडलीय अस्पताल में बेड आरक्षित रखा गया था। फिलहाल, कोई मानवीय क्षति नहीं पहुंची है। आग लगने की वजह से प्रभावित लोग अपने रिश्तेदार और होटलों में शरण लेने गए हैं। प्रथम दृष्टया एसी का कंप्रेशर फटने से आग लगने का मामला प्रकाश में आया है, सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बिल्डिंग की सुरक्षा और कमियों को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं।

DM बोले

देर रात जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि 11फ्लोर की इमारत में 44 फ्लैट में से चौथे फ्लोर के एक फ्लैट में लगी आग बुझ गई है। ऊपर के फ्लैट के लोगों को भी हाइड्रोलिक फायर टेंडर और बिल्डिंग की सीढ़ियों से नीचे लाया गया है। धुआं और कम होगा तो स्थिति और ठीक होगी। फायर विभाग ने अच्छे तरीके से आग को एक फ्लोर तक सीमित रखने के काम को कुशलता से किया।

कहा, फायर, पुलिस, और जिला प्रशासन की टीम ने अच्छा काम किया है। स्वास्थ्य विभाग, NDRF ने आवश्यक मुस्तैदी दिखाई। जरूरत पड़ती तो वे सभी संसाधनों के साथ तैयार थे। अगलगी की घटना में कोई घायल नहीं है और न ही किसी की मौत हुई है। धुएं की वजह से कुछ लोगों को परेशानी हुई थी। मौका-ए-वारदात पर पुलिस, प्रशासन, VDA और स्वास्थ्य के अधिकतर वरिष्ठ-कनिष्ठ अधिकारी, प्रभारी जिलाधिकारी आदि स्थिति नियंत्रण करने के लिए मौजूद थे। सभी ने इमारत और आग लगे फ्लैट का निरिक्षण कर लिया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि फ्लैट में आग लगने का कारण, बिल्डिंग में आग से बचाव के मानक पूरे थे या नहीं, नक्शा आग से बचाव के अनुरूप है कि नहीं इसकी जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, VDA और फायर विभाग की साझा टीम का गठन किया जा रहा है जो संयुक्त जांच करेंगी।

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