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विद्यालय की बदल दी सूरत : वाराणसी की शिक्षिका सरिता राय राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित

Varanasi : विकास खंड काशी विद्यापीठ अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय मडुंआडीह में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत सरिता राय को उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला है। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया है। इस बाबत उन्होंने अपना जीवन परिचय देते हुए बताया कि मैं एक सामान्य परिवार से थी।

कहा, मेरे पिताजी स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद सिंह टेलीफोन विभाग में असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी शुरू से ही इच्छा थी कि मैं पढ़ लिखकर आगे कुछ कर सकूं। उन्हीं के बताए रास्ते पर चलते हुए मुझे यह मंजिल मिली है। दुर्भाग्य से पिछले वर्ष कोविड-19 के कारण वे हम सब को छोड़ कर चले गए फिर भी उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हुए आज प्रदेश के सर्वोच्च शिक्षक पुरस्कार पहुंची हूं। निश्चित रूप से आज उनकी कमी हमें खल रही है।

बताया, मेरी प्रथम नियुक्ति 1 दिसंबर 1999 को प्राथमिक विद्यालय मंडईडीह, विकास क्षेत्र काशी विद्यापीठ में सहायक अध्यापक पद पर हुई। पदोन्नति के उपरांत 31 दिसंबर 2009 को मुझे पूर्व माध्यमिक विद्यालय केराकतपुर में सहायक अध्यापक पद पर कार्यभार ग्रहण करना पड़ा। पुनः अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय चयन होने के बाद में 1 अप्रैल 2018 को मुझे प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह में प्रधानाध्यापक पद पर कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विद्यालय पर आने के बाद सर्वप्रथम मेरे द्वारा विद्यालय के कायाकल्प के सुधार का निश्चय किया गया और इसके लिए ग्राम पंचायत व अन्य उच्चाधिकारियों से संपर्क कर एक वर्ष में ही विद्यालय को सभी पैराटीचर में पूर्ण करने में सफलता प्राप्त हुई।

कहा कि, इसके उपरांत विद्यालय में नामांकन तथा उपस्थिति में भी काफी वृद्धि हुई। कोविड काल में हम सभी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ मिलकर मोहल्ला कक्षा चलाया और ऑनलाइन शिक्षण के जरिए बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई। इसी का परिणाम रहा कि कोविड समाप्त होने के बाद भी विद्यालय में बच्चों की संख्या में गिरावट नहीं हुई बल्कि प्राइवेट स्कूल से भी बच्चों का आना जारी रहा।

दरअसल, शैक्षिक रूप से विगत कई वर्षों से विद्यालय का जनपद में उत्कृष्ट स्थान रहा है जिसके कारण समय-समय पर विभागीय उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारी द्वारा सम्मान प्राप्त करने का गौरव मिला।जुलाई 2022 में माननीय प्रधानमंत्री के काशी आगमन पर मेरे विद्यालय की बच्ची को भी उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह विद्यालय के संपूर्ण शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है।

नगर निगम की सीमा के जाने के उपरांत भी एक छोटे से विद्यालय में वर्तमान समय में 265 बच्चे नामांकित हैं। मेरे आने के उपरांत इस विद्यालय में 164 बच्चे नामांकित थे। विद्यालय की उत्कृष्ट बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इसी का परिणाम है कि आज मुझे राज्य के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिअ चयनित किया गया है। इस पुरस्कार को मैं विद्यालय के समस्त बच्चों शिक्षकों और अभिभावकों को समर्पित करती हूं क्योंकि यह पुरस्कार इन सभी के परिश्रम का परिणाम है।

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