Varanasi धर्म-कर्म 

शारदीय नवरात्र : स्कंदमाता के दर्शन को लगी लम्बी कतार, दिखी आस्था अपार

Varanasi : शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि को आदि शक्ति के स्कंदमाता स्वरूप के आराधना का विधान शास्त्रों में वर्णित है। बुधवार को भक्तों की काशी के जैतपुरा क्षेत्र स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर में मां के दरबार में दर्शन और पूजन-अर्चन के लिए लाइन लगी। भक्त दर्शन के लिए भोर से ही कतारबद्ध होकर डटे थे। प्रधान पुजारी ने मंगला आरती के साथ ही मंदिर का पट खोला। भक्त सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन करते दिखे। मां की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में भक्त कतारबद्ध थे। सामान्य तौर पर दर्शन के लिए भक्तों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। मैदान के चलते दर्शनार्थियों को राहत थी।

मां स्कन्दमाता बुद्धि दाता हैं इसलिए मां के दरबार में बच्चों की संख्या भी खूब थी। देवी के इस स्वरूप की आराधना से जहां व्यक्ति के संपूर्ण मनोकामना पूर्ण होती हैं, वहीं उसके मोक्ष का मार्ग भी सुलभ हो जाता है। स्कंद कार्तिकेय की माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम मिला। काशी खंड, देवी पुराण और स्कंद पुराण में देवी का विराट वर्णन किया गया है।

बन जाते है बिगड़े काम

काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प. लोकनाथ शास्त्री ने बताया कि माता की पूजा करने से सभी बिगड़े हुए काम बन जाते हैं। माता के चार हाथ हैं। वह सिंह पर सवार हैं। माता के गोद में भगवान स्कंद स्वंय विराजमान हैं। स्कंदमाता का दर्शन करने से भगवान स्कंद का भी आर्शीर्वाद मिलता है। जिस तरह मां अपने बच्चों को ममता देती हैं इसी तरह माता भी भक्तों को वात्यसल देती हैं। माता का दर्शन करने से भक्तों के तेज में वृद्धि होती है।

error: Content is protected !!