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श्रीमद भागवत कथा : भगवान को सबसे प्रिय लगते हैं उनके भक्त- रोहित कृष्ण शास्त्री

Varanasi : चौबेपुर में भागवत कथा के तृतीय दिवस में कथावाचक रोहित कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अपने जीवन को नीति के हिसाब से चलाना चाहिए जो व्यक्ति अपने जीवन को नीति के हिसाब से चलाता है। उसके कुल में ध्रुव जैसे पुत्र जन्म लेते हैं और जिस के कुल में ध्रुव जैसे पुत्र ने जन्म लिया शास्त्रों में ऐसा प्रमाण है कि वह इक्कीस कुल आगे और इक्कीस कुल पीछे के पूर्वजों को तार देते हैं।

भागवत की कथा कराने के साथ-साथ उसको श्रवण करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है क्योंकि एक भागवत महापुराण ही ऐसा ग्रंथ है जो की मुक्ति के लिए गर्जना करता है इसमें प्रमाण है। एकम् भागवतम् शास्त्रम् मुक्ति दानेन गर्जति एक ऐसा शास्त्र है जिसको श्रवण करने मात्र से मुक्ति मिल जाती राजा परीक्षित को सात दिन में मृत्युदंड का श्राप मिला जोकि सुखदेव भगवान के द्वारा साप्ताहिक श्रीमद भागवत महापुराण की कथा श्रवण करने से उनको मुक्ति मिल गई।

यह कथा जहां तक सुनाई देती है वहां तक के जीव-जंतु सभी प्रकार के प्राणियों को पाप कर्मों से मुक्ति मिल जाती है। उस गांव की मिट्टी भी पवित्र हो जाती है। कथा में शास्त्री अनुराग पाठक, पप्पू चौबे, विनोद चौबे, राजेश्वरी चौबे, पार्थ चौबे,अनन्या चौबे, मिंटू चौबे जितेंद्र प्रजापति बरसाती यादव आदि श्रोता मौजूद थे।

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