Varanasi ऑन द स्पॉट 

स्मार्ट सिटी का स्मार्ट सच, जनता कह रही इट्स टू मच : पक्के महाल में सीवर के पानी के बीच से होकर जाने को मजबूर दर्शनार्थी और इलाकाई लोग

Varanasi : स्मार्ट सिटी में दुष्वारियों का नाम कम नहीं हो रहा। स्मार्ट सिटी के नाम पर पहले से बनाई मजबूत गलियों को तोड़कर नया सीवर पाइप लाइन, वाटर पाइप और नया चौका गलियों में बिछाया गया है।

आरोप के मुताबिक, स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों के कारनामों से पक्का महाल में रह रहे लोगों, दर्शनार्थियों व तीर्थ यात्रियों का जीना दुश्वार हो गया है। आए दिन सीवर ओवर फ्लो और उखड़ते पत्थरों के चलते लोग न केवल चोटिल हो रहे हैं बल्कि सीवर के पानी में हलकर मंदिर और अपने घरों तक जाने को विवश हैं।

आरोप है कि बीते कई दिनों से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाने के प्रमुख मार्ग मानमंदिर, त्रिपुरा भैरवी और विश्वनाथ गली नुक्कड़ पर सीवर चोक हो जाने से सीवर का गंदा पानी मार्ग में बह रहा है, जिसमें से होकर लोग गमनागमन को विवश हैं। लाख शिकायतों के बावजूद स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। सुनवाई तो दूर कोई मौका मुआयना करने तक नहीं आया।

स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर निकृष्ट कार्ययोजना से आहत पक्का महाल निवासियों की एक अनौपचारिक बैठक रविवार को अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के महामंत्री और काशी तीर्थ पुरोहित सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष व महामंत्री पं. कन्हैया त्रिपाठी के आवास पर आहूत की गई।

बैठक में लोगों ने स्मार्ट सिटी योजना का सच उजागर करते हुए जिम्मेदारों को कोसा। पं. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि दरअसल, बिना सोची समझी निर्माणनीति अपनाए, बिना किसी पूर्व में किए गए कार्यों का अवलोकन व अनुभव हासिल किए, इलाकाई लोगों से अनुभव लिए बिना और बगैर परफेक्ट इम्प्लेटेशन प्लान के समूची गलियों का निर्माण मनमाने तरीके से जैसे-तैसे कर दिया गया है।

बैठक में कन्हैया त्रिपाठी, महेंद्र शर्मा, महेंद्र गुप्ता, छोटेलाल यादव, राजेश यादव, सुरेंद्र बनर्जी, नारायण शुक्ल, राजनाथ तिवारी, नितीन तिवारी, राजकुमार अवस्थी, बच्चे लाल, मुन्नू यादव, संतोष गुप्ता, चंदन बनर्जी, प्रतीक गुप्ता सहित पक्का महाल के अन्य लोग मौजूद थे।

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