Health Varanasi 

आज से विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक मुहिम : DM ने मीटिंग कर की तैयारियों की समीक्षा, स्वास्थ्यकर्मी घर पहुंच कर देंगे बचाव की जानकारी

Varanasi : संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान शनिवार से शुरू होगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने पूरे माह चलने वाले इस अभियान के तैयारियों की समीक्षा की।

साथ ही निर्देश दिया कि अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरुकता एवं बचाव के कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा जहां मच्छर जनित रोगों के होने की संभावना है।
साथ ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों से बचाव तथा उपचार के बारे में लोगो को जानकारी दें।

जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दो अप्रैल से शुरू हो रहे ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन संशक्तिकरण विभाग, कृर्षि एवं सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग समेत शामिल अन्य विभाग सामंजस्य बनाकर अभियान को सफल बनाएं।

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के प्रत्येक विद्यालयों के नोडल शिक्षकों के प्रशिक्षण पर बल देते हुए शत-प्रतिशत शिक्षकों को प्रशिक्षत करने को कहा। इस अभियान के लिए बनाये गये माइक्रोप्लान के संदर्भ में खण्ड विकास अधिकारियों से उन्होंने जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्देशित किया कि प्लान के अनुसार प्रत्येक ग्राम में साफ-सफाई, एण्टी लार्वा का छिड़काव एवं फागिंग का कार्य सुचारू रूप से कराया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामों में साफ-सफाई एवं अन्य कार्य प्रातः छह बजे से ही प्रारम्भ करा दिया जाए। उथले हैण्डपम्पों को चिन्हित कर उसपर लाल निशान लगा दिया जाए तथा लोगों को जानकारी दी जाए कि इसका पानी पीने योग्य नहीं है। इण्डिया मार्का हैण्डपम्प के प्लेटफार्म की मरम्मत एवं उसके आसपास जल-जमाव के निकासी की व्यवस्था की जाए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि दो अप्रैल से शुरू हो रहा अभियान दो चरण में चलेगा। पहले चरण में मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए पूर्व के वर्षो में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित किए गये हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आंकलन करेंगे।

इसके साथ ही अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों में सम्बन्धित विभागों के सहयोग से इस पर प्रभावी अंकुश के लिए प्रयास करेंगे। अभियान का दूसरा चरण दस्तक 15 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों के खतरे तथा उसके बचाव की जानकारी देंगे।

मच्छरों से बचाव के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहननें, मच्छररोधी क्रीम लगाने, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने घर के आस-पास एवं घरों में सात दिन से अधिक समय तक किसी भी बर्तन में पानी जमा न होने देंने, कूलर में भरे पानी एवं फ्रिज के पीछे की ट्रे, गमलों, टूटे हुए टायर, अन्य बर्तनों के पानी को साफ करने के साथ ही घरों के दरवाजों और खिड़कियों में जाली का प्रयोग करने की सलाह दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए संचारी रोगों, दिमागी बुखार से सम्बन्धित शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन का संदेश प्रत्येक घर परिवार तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। दस्तक अभियान के जरिए हम लोगों के पास पहुंच कर यह बताने का प्रयास करेंगे कि संचारी रोगों के होने पर क्या करें और क्या न करें।

किस तरह की सावधानियां बरते और किसी तरह से तत्काल उपचार करायें। अभियान के दौरान विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दिमागी बुखार, कोविड-19 एवं अन्य संचारी रोगों से बचाव, रोकथाम एवं उपचार के लिए संवेदीकृत किया जाएगा। साथ ही लोगों को साफ पानी पीने की सलाह दी जाएगी। खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को समझाया जाएगा। दस्तक अभियान के दौरान फ्रंट लाइन वर्कर्स (आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता) प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे।

क्षय रोग के लक्षणों वाले किसी व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर उसका पूरा विवरण एएनएम के माध्यम से ब्लाक मुख्यालय पर उपलब्ध करायेंगी। बैठक में शिक्षा विभाग, कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, यूनीसेफ के प्रतिनिधि सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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