Health Varanasi 

बरतें सावधानी वरना होगी परेशानी : बाढ़ थमा तो बढ़ने लगा मच्छरजनित बीमारी का प्रकोप, डेंगू के हुए कुल 07 मरीज

Varanasi : बाढ़ कम होते ही दुश्वारियां बढ़ गई है। बनारस में डेंगू के मरीज बढ़ने लगे हैं। बनारस में डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं। वहीं, अभी तक शहर में डेंगू के कुल 7 मरीजों हो चुके हैं। बनारस में मिले डेंगू के तीनों मरीजों में दो की उम्र 18 और एक 25 साल है। ये मरीज शहर के चिरईगांव, बाबतपुर और अखरी बाईपास क्षेत्र में पाए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया, सभी रोगियों के घरों के आसपास पूरी कॉलोनी में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया है। घरों के आसपास फीवर सर्वे का काम कराया गया। बाकी के घरों में डेंगू का कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला। वाराणसी नगर निगम द्वारा फॉगिंग और स्प्रे कराया गया।

इन क्षेत्रों में है डेंगू का खतरा

मंडल स्तरीय वेक्टर सर्विलांस टीम ने पिछले साल डेंगू से प्रभावित हुए क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इसमें शहरी क्षेत्र में बीएलडब्लू कैंपस, सुंदरपुर, लंका, गांधीनगर, जद्दुपुर, फुलवारिया, शिवपुर, कैंटोनमेंट, श्रीनगर कालोनी पहड़िया तो वहीं ग्रामीण इलाकों में धौरहरा और चोलापुर में सघन सर्विलांस अभियान चलाया गया।

सावधानी बरतने की सलाह

अब शहरी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी मरीज मिलने लगे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि चिरईगांव के तिलमापुर निवासी उमंग(18), बाबतपुर निवासी राकेश यादव(25) और अखरी बाईपास निवासी स्नेहा सिंह(18) में डेंगू की पुष्टि हुई है। बताया कि सभी मरीजों के घर फॉगिंग का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही परिवार के सदस्यों को सावधानी बरतने को भी कहा गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फॉगिंग पर जोर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही फॉगिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिससे कि लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाया जा सके। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि गंगा में आई बाढ़ की वजह से भी पानी जमा है। ऐसे में डेंगू मलेरिया की संभावनाओं को देखते हुए छिड़काव कराया जा रहा है। एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डूडा से 15 कर्मियों को मांगा है, जो विभिन्न इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कर रहे हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

■ घरों के आसपास जल जमाव न होने दें।

■ छत और घर के अंदर, बेकार डिब्बे, बर्तन आदि जिसमें पानी इकट्ठा हो सकता हो, उसे खाली कर दें।

■ कूलर का पानी हर दूसरे दिन पानी बदलते रहें।

■ फ्रिज के पीछे प्लेट में पानी कलेक्ट न हो। गमलों, नारियल के खोल या खराब टायर, टंकी को जरूर से साफ करवाते रहें।

■ मच्छरदानी का इस्तेमाल करते रहें। पूरी बांह के कपड़े पहने।

You cannot copy content of this page