Health Varanasi 

डेंगू मरीजों के इलाज और जांच के लिए टीम गठित : जांच टीम प्राइवेट अस्पतालों का करेगी दौरा, बोले CMO- गड़बड़ी पर कार्रवाई तय

Varanasi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में डेंगू का इलाज करने के नाम पर अंधाधुन रुपया पीट रहे प्राइवेट हॉस्पिटल वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। जिले में डेंगू मरीजों को उचित उपचार मुहैया करवाने के लिए टीम तैनात की गई है। यह टीम निजी अस्पतालों का दौरा कर डेंगू मरीजों के जांच और उपचार व्यवस्था की निगरानी करेगी। लापारवाही मिलने पर संबंधित अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई का भी निर्देश है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पूरी कोशिश है कि डेंगू मरीजों के उचित उपचार के साथ उनके चिकित्सकीय परीक्षण की व्यवस्था भी दुरुस्त हो। इसके लिए शहर को छह भागों में बांट कर टीम की तैनाती की गयी है।

इस टीम में डॉ. अमित सिंह, डॉ. निकुंज कुमार वर्मा, डॉ. एके मौर्य, डॉ. राजेश प्रसाद, डॉ. मनमोहन शंकर व डॉ. वाई बी पाठक को शामिल किया गया है। टीम में शामिल चिकित्सक अलग-अलग निजी अस्पतालों की निगरानी कर रहे हैं।

इसके तहत राजघाट, जैतपुरा, आदमपुर, बेनिया, लल्लापुरा, सदर बाजार के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित क्षेत्र की जिम्मेदारी डॉ. अमित सिंह संभालेंगे। शहरी पीएचसी आनंदमयी, दुर्गाकुण्ड, भेलूपुरा, बजरडीहां, मण्डुआडीह व रामनगर से जुड़े क्षेत्र में डॉ. निकुंज कुमार वर्मा देखेंगे। इसी तरह टाउनहाल (पहड़िया), पाण्डेयपुर, अर्दली बाजार, शिवपुर, सिकरौल पीएचसी से सम्बन्धित इलाके में डॉ. एके मौर्य, सेवा सदन, मदनपुरा, असफाक नगर, माधोपुर, कैण्टोमेंट पीएचसी के क्षेत्र को डॉ. राजेश प्रसाद, कोनिया, बड़ी बाजार, चौकाघाट पीएचसी के क्षेत्रों को डॉ. मनमोहन शंकर व सुन्दरपुर, चितईपुर, अमराअखरी क्षेत्र में डॉ. वाईबी पाठक निगरानी रखेंगे।

सीएमओ ने बताया कि यह टीम निजी अस्पतालों का दौरा कर वहां भर्ती डेंगू के मरीजों के बारे में इस बात की पड़ताल करेगी कि मरीज का उपचार ठीक ठंग से हो रहा है या नहीं। गड़बड़ी मिलने पर सम्बन्धित निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

वर्चुअल मीटिंग में दी डेंगू मरीजों के उपचार की जानकारी

सीएमओ ने मंगलवार को जिले के सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर उन्हें डेंगू मरीजों के उपचार के संदर्भ में जानकारी दी। साथ ही कहा कि डेंगू के संदिग्ध मरीज की एलाइजा जांच जरूर कराया जाय। एलाइजा जांच में डेगू पाए जाने पर मरीज और उसके उपचार से सम्बंधित विवरण सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध कराया जाये।

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