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खौफ के नाम पर धंधा करने जो आया है वो सरकारी गोली खाकर जाएगा : किस्मत के भरोसे बच रहा था दो लक्खा सोनू, पकड़ने के लिए STF लंबे वक्त से लगी थी, ’33 FIR’ की वजह से मरना पड़ा

Varanasi : खौफ के नाम पर धंधा करने जो आया है वो सरकारी गोली खाकर जाएगा। दो लाख रुपये के इनामी मनीष सिंह सोनू को पकड़ने के लिए STF लंबे वक्त से लगी थी। सोनू की किस्मत उसका साथ दे रही थी।

शह और मात के खेल में वह बचता जा रहा था। सोनू जिस रास्ते पर चला था उस सफर का अंत सरकारी गोली खाकर ही होता है। सोनू की अबतक की कमाई ’33 FIR’ हैं। इन्हीं मुकदमों की वजह से उसे मरना पड़ा।

याद होगा, इससे पहले भी उसके दो साथी मुठभेड़ में मारे गए थे। रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह को 29 जुलाई 2015 को STF ने मार गिराया था। रोशन गुप्ता किट्टू को 26 नवंबर 2020 को बनारस की क्राइम ब्रांच टीम ने मारा था। दोनों के बाद सोमवार को सोनू को STF ने मुठभेड़ में गिरा दिया।

नरोत्तमपुर लंका के रहने वाले अनिल सिंह के बेटे सोनू पर 33 मुकदमे कायम हैं। सोनू पर पहले एक लाख रुपये का इनाम था। 28 अगस्त को चौकाघाट काली मंदिर के पास हुए डबल मर्डर प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एडीजी वाराणसी जोन बृजभूषण की संस्तुति के बाद उसकी इनाम राशि बढ़ी।

सोनू का नाम रोहनिया के एक कारोबारी से दस लाख रुपये गुंडा टैक्स मांगने में सामने आया था। साल 2021 के पांच अप्रैल को शुलटंकेश्वर से दर्शन-पूजन कर लौट रहे एनडी तिवारी की हत्या में भी वह शामिल था। सितंबर 2020 में मिर्जापुर के चुनार में एक कंपनी के अधिकारी से रंगदारी मांगने और हत्या के मामले में सोनू का नाम सामने आया था।

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