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टमाटर फिर दिखाने लगा नखरे : मौसम की मार से मंडी में एक बार फिर बढ़ने लगे सब्जियों के भाव

Varanasi : आम जनता के ऊपर से महंगाई का बोझ कम होने का नाम नहीं ले रही। बढ़ती महंगाई ने घर के किचन तक का बजट अस्त-व्यस्त कर रखा है। अब मानसून की बेरूखी और खराब मौसम का असर लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। बाजार में मौसम का असर फल और सब्जियों की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

पहले के महंगाई से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही जनता को सब्जियों के बढ़ते दाम अतिरिक्त बोझ का कहर ढा रही है। हफ्ते भर पहले 35 से 40 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाला टमाटर अब अर्धशतक से पार चला गया है। साथ ही नींबू, पालक, आलू, मिर्च, धनिया, लहसून, भिंडी, करेला और परवल समेत हर प्रकार सब्जियों के दाम बढ़ गए हैैं। वहीं, फलों की पैदावर अच्छी होने व लगातार आवक बने रहने से फलों की कीमतों में ठहराव है। सेब 70, नाशपाती 60, पपीता 50, अनार 90 और केला 40 रुपए दर्जन बिक रहा है।

सब्जी व्यापारी ने बताया कि पूर्वांचल और पहाड़ी जनपदों में मानसून की बेरूखी और अधिकता से कई प्रकार की सब्जियों की फसलें खराब हो गई है। इससे पालक, मूली, परवल, टमाटर, मिर्च, लौकी, भिंडी, करैला, बैगन समेत अन्य सब्जियों की सीमित मात्रा में आवक हो रही है। लिहाजा, कम आपूर्ति और अधिक डिमांड की वजह से सब्जी के कीमतों में उछाल देखने को मिल रही है। दो हफ्ते बाद नई फसल की पैदावार निकलने के बाद सब्जियों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकता है।

फल मंडी के थोक व्यापारी के अनुसार, ठंडे पहाड़ी राज्यों में फलों की अच्छी पैदावार होने से मन माफिक आपूर्ति हो रही है। इस लिहाजा, जो सेब दो हफ्ते पहले 110 से 120 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा था। वह अब 70 से 90 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। पूर सितंबर भर फल के भाव स्थिर रहने का अनुमान है। सेब, केला, नाशपाती, अनानास, मौसमी, अनार और पपीता भी किफायत दाम में बिक रहे हैैं।

सब्जियों की कीमत

टमाटर 50- 60
भिंडी 30-40
परवल 60-70
करैला 50-60
पालक 65-70
बैगन 40
लौकी 30-40
हरी मिर्च 60-70

फलों की कीमत

सेब 70-90
नाशपाती 60-70
केला 35-40
पपीता 50
अनार 100

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