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Top News : दशाश्वमेध क्षेत्र में जमीदोज हुए भवन की होगी जांच, राज्यमंत्री ने किया निरीक्षण, पीड़ित परिवार से की मुलाकात, हर संभव मदद का आश्वासन

Varanasi : दशाश्वमेध थाना क्षेत्र अंतर्गत रानी भवानी गली में बीतीरात जर्जर मकान ढह गया था। चपेट में आने से पांच लोग जख्मी हो गए। शुक्रवार की सुबह मौके पर पहुंचे सूबे के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवार से भी मुलाकात की। हर सम्भव मदद का आश्वासन देने के साथ ही किसी भी दिक्कत होने पर अपने निजी मोबाइल न. उन्हें दिया और निःसंकोच फोन करने की बात कही। साथ ही मलबा हटवाने के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। मंत्री ने नगर निगम के अफसरों से भी बात की। जमीदोज हुए भवन की नगर निगम के इंजीनियर जांच करेंगे। राज्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहे कार्यों को ठीक से कराने का निर्देश दिया। कहा, यह ध्यान रखें कि जानमाल की क्षति न हो। पक्के महाल की बसावट प्राचीन है। मकान पुराने हैं। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रभात सिंह, भाजपा नेता पवन शुक्ला, पार्षद नरसिंह दास, अरुण चौबे आदि मौजूद रहे।

दरअसल, गुरुवार की रात दशाश्वमेध क्षेत्र के रानी भवानी गली में अचानक दो मंजिला मकान जमीदोज हो गया। हादसे में 5 लोग घायल हो गए। तीन को मामूली चोट लगी है जबकि 2 लोगों को गम्भीर चोट लगी है। घटना में घायल 55 वर्षीय वृद्धा को गम्भीर हालत में इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भेज गया है। स्थानीय पार्षद नरसिंह दास के अनुसार रानी भवानी गली में डी 6/23 मकान नम्बर में कुछ लोग रहते थे। ये मकान काफी जर्जर हो चुका था। गुरुवार रात ये मकान अचानक धराशाई हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बुजुर्ग भारती देवी आधे घंटे मलबे में दबी रहीं। ट्रामा सेंटर में उनका सीटी स्कैन किया गया जिसके बाद डाक्टरों ने बुजुर्ग महिला को खतरे से बाहर बताया। यह मकान राम भवन ट्रस्ट का मकान है। गंगा किनारे मीरघाट के पास रानी भवानी गली स्थित करीब 100 साल से अधिक पुराने चार मंजिला मकान है। इसमें मद्रासी गोपाल शर्मा परिवार के साथ रहते हैं। मकान लाखौरी ईंट से बना है। जब हादसा हुआ तो परिवार के लोग खाना खा रहे थे। इसी बीच मकान का कुछ हिस्सा टूट गिरने लगा। यह देखकर गोपाल समेत उनकी पत्नी व दो बच्चे बाहर की ओर भागे। उनके बाहर आते ही कुछ ही क्षणों में मकान भरभरा कर गिर गया लेकिन गोपाल की 70 वर्षीय बूढ़ी मां अंदर ही मलबे में फंस गईं। गोपाल ने आसपास के लोगों की मदद से मां को बाहर निकाला।

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