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लोगों के लिए कारगर साबित हो रही उज्ज्वला योजना : 14707 परिवारों को अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ, जानिए फायदे

Varanasi : आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत सामाजिक आर्थिक जनगणना (सेक)-2011 के सर्वे के दौरान चिन्हित लाभार्थी परिवारों के अलावा अंत्योदय और श्रम कार्ड धारकों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इसी कड़ी में शासन ने अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों को भी आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का निर्देश दिया है। शासन द्वारा चिन्हित जिले के लगभग 14 हजार उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों को अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी मिलेगा। शासन का निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग इन परिवारों को योजना में शामिल करने व इनका कार्ड बनाने की प्रक्रिया में जुट गया है।

सीएमओ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हर साल प्रत्येक लाभार्थी परिवारों को पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू की गई है। शासन के निर्देशानुसार जिले में अंत्योदय कार्ड धारकों और श्रम कार्ड धारकों को भी योजना में शामिल कर लिया गया है। अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जा रहा है। जिले में उज्ज्वला योजना के 14,707 लाभार्थी हैं। शासन का आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन परिवारों को योजना से आच्छादित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला कार्यान्वयन इकाई की

डीपीसी डॉ. पूजा जायसवाल ने बताया कि शासनादेश के अनुसार जनपद में योजना से जुड़े सूचीबद्ध समस्त सरकारी व निजी अस्पताल समेत जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व कामन सर्विस सेंटर पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों का आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाया जाएगा।

जिला सूचना प्रणाली प्रबन्धक नवेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले मेंप्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में1,14,419 और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के 19,817 लाभार्थी परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें सभी परिवारों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। इस क्रम में अब तक जिले में करीब 3.50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। योजना के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है।

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