Lucknow Varanasi उत्तर प्रदेश 

#UP : आखिरश हड़ताल खत्म, काम पर लौटे बिजलीवाले, निजीकरण का फैसला सरकार ने टाला, उपभोक्ताओं को राहत

Varanasi/Lucknow : विद्युत निजीकरण के विरोध में सोमवार से शुरू हुई बिजली कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार की शाम खत्म हुई। 30 घण्टे के इस लम्बे हड़ताल को खत्म करके बिजली कर्मी काम पर वापस लौट गए। यूपी सरकार ने 15 जनवरी 2021 तक तीन महीने के लिए निजीकरण का फैसला टाल दिया है। जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौट है। बताया जा रहा है कि अब इन तीन महीनोंं कोई न कोई समाधान खोज लिया जाएगा। 

सरकार और बिजली कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के बीच पांच बिंदुओं पर सहमति बनी है। फिलहाल बिजली विभाग का निजीकरण नहीं होगा। निजीकरण हुआ तो पहले बिजली विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की सहमति ली जाएगी। विभाग में भ्रष्‍टाचार खत्‍म करने, राजस्‍व वसूली बढ़ाने और बिलिंग सिस्‍टम को दुरुस्‍त करने में भी बिजली कर्मचारी संयुक्‍त परिषद अपनी भूमिका निभाएगा। इस बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद बिजली कर्मचारी संयुक्‍त परिषद ने हड़ताल खत्‍म की घोषणा की।

पड़ा बड़ा असर

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निजी हाथ में सौंपने के सरकार के फैसले के खिलाफ बिजलीकर्मियों की घोषित अनिश्चिकालीन हड़ताल का दो दिनों से बड़ा असर रहा। वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, कानपुर, आगरा, बरेली, मुरादाबाद के साथ अन्य सभी जिलों में बिजली का संकट गहरा गया। निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मी ब्रेकडाउन की शिकायतें भी नहीं ली। 27 से 30 जिले इससे काफी प्रभावित हुए। पानी नहीं आने से कई जगह हाहाकार मचा रहा। 

राहत की सास

हड़ताल वापस होने की सूचना ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सहित तीन दर्जन से अधिक मंत्रियों और करीब 150 विधायक, विधान परिषद सदस्यों के सरकारी आवास सहित राजधानी की बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। वीवीआईपी इलाकों में बिजली गुल होने से पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से लेकर शासन स्तर तक हड़कंप मच गया, लेकिन बिजली अभियंताओं ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने से मना कर दिया।

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