Varanasi 

Varanasi : विश्व की संप्रभुता और शांति के लिये खतरा है चीन- इंद्रेश कुमार

विभास परिसर में हनुमान चालीसा यज्ञ के आठवें दिन तिब्बत, कैलाश मानसरोवर की आजादी का संकल्प

Ajit Mishra

Varanasi : विशाल भारत संस्थान के तत्वावधान में लमही में आयोजित नौ दिवसीय हनुमान चालीसा हवनात्मक यज्ञ के आठवें दिन वैदिक ब्राह्मण पंडित अनुज पाण्डेय एवं पंडित प्रदीप शास्त्री ने विधि विधान से मुख्य यजमान इन्द्रेश कुमार से तिब्बत की आजादी के लिये यज्ञ में आहुति डलवायी। साथ ही साकेत भूषण श्रीराम मंदिर के परिसर के लिये जटायू, काकभुशुण्डि, सम्पाती, गरूड़, राजा जनक, सुनयना के नाम का शिला पूजन किया गया। भगवान श्रीराम के साथ धर्म की स्थापना में सहयोग करने वालों की भी प्रतिदिन पूजा की जायेगी। विश्व बन्धुत्व और सृष्टि सम्बन्ध संस्कृति की पूरी व्याख्या श्रीराम मंदिर में विराजने वाली मूर्तियां करेंगी।

इस अवसर पर मुख्य यजमान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कहा कि विश्व के सम्प्रभुता, आजादी और संस्कृति शांति के लिये चीन खतरा है। तिब्बत, कैलाश मानसरोवर पर चीन का अवैध कब्जा है। तिब्बत और कैलाश मानसरोवर की मुक्ति से विश्व समुदाय शांति की ओर जायेगा। विश्व बन्धुत्व की भावना तभी विकसित हो सकती है जब हम भगवान श्रीराम के मानवीय स्वरूप में किये गये कार्यों एवं नीतियों का अनुपालन करें। प्रभु श्रीराम ने सृष्टि, राष्ट्र, परिवार और समाज के संबंध संस्कृति की जो व्याख्या की है आज उसी की प्रासंगिकता है।

शांति स्थापना के लिये विश्व के देश राम मार्ग पर चलें। हिंसा से न सिर्फ देशों की सीमाओं का विवाद सुलझेगा बल्कि छोटे देशों की सम्प्रभुता भी बची रहेगी। श्री रामपंथ के अनुगामी राजीव गुरूजी ने कहा कि राम मार्ग का अनुसरण किये बिना विश्व के किसी देश का कल्याण सम्भव नहीं है। अहिंसा की परिकल्पना एक तरफा नहीं हो सकती। चीन और पकिस्तान ने यदि श्रीराम मार्ग को नहीं अपनाया तो उसे टूटने से कोई बचा नहीं सकता। तिब्बत की आजादी अब नजदीक आ चुकी है। कैलाश मानसरोवर शीघ्र ही भारत का हिस्सा होगा।

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