Varanasi 

Varanasi : ठेकेदार के भरोसे न छोड़ें निर्माण कार्य, Engineers स्वयं करे स्थलीय निरीक्षण- Commissioner

Varanasi : कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने गतिमान परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय से पूर्ण कराए जाने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं को निर्देशित किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के अभियंताओं को निर्देशित किया कि ऐसी परियोजनाएं जिन पर धनराशि की आवश्यकता हो शीघ्र शासन स्तर पर पत्राचार किया जाए। ताकि कार्य किसी भी दशा में रुकने न पाए। उन्होंने अभियंताओं को कार्य के दौरान स्वयं स्थलीय निरीक्षण किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों को ठेकेदारों के भरोसे न छोड़ा जाए। निर्माणाधीन स्वास्थ्य उप केंद्रों को प्रत्येक दशा में फरवरी, 2021 तक पूरा कराते हुए उसे क्रियाशील किए जाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।

कमिश्नर बुधवार को अपने सभागार में विकास एवं निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। प्राथमिकता के विकास कार्यक्रमों के ऑनलाइन डाटा फीडिंग में गड़बड़ी की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने पूरी सजगता एवं सतर्कता के साथ डाटा फीडिंग किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इसी डाटा फीडिंग के आधार पर जनपद एवं मंडलों की रैकिंग एवं समीक्षा होती है। गलत डाटा फीडिंग किसी भी दशा में न किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्टाफ नर्स एवं एएनएम द्वारा घरों पर डिलीवरी कराए जाने की जानकारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर देते हुए इनकी सूचनाएं एकत्रित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जो डिलीवरी गैर पंजीकृत नर्सिंग होमो में हुआ हो और यदि वे स्वास्थ्य विभाग के मानक पूरा करते हो तो उनका पंजीकरण किया जाए। जिलों में पता किया जाए कि बिना पंजीकरण के कितने नर्सिंग होम चल रहे हैं। एंबुलेंस समय से पहुंचे ताकि मरीजों एवं उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडल के सभी जिलों में कैंप लगाकर पात्र लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया जाए। जिन गांवों में पात्रों की संख्या अधिक हो, उन ग्राम सभाओं में भी गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए कैंप लगाए जाएं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जो बच्चे ऑनलाइन व व्हाट्सएप ग्रुप से शिक्षा प्राप्त से वंचित हो, उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। ग्राम सभाओं के पंचायत भवनों को “ग्राम सचिवालय” के रूप में विकसित किया जाए और वहां पर सचिव एवं लेखपाल की ड्यूटी निर्धारित कर उनका नाम, मोबाइल नंबर एवं वहां पर उनके रहने का दिन दीवारों पर लिखवाया जाए। ग्राम सचिवालय में आय, जाति, निवास, वरासत, जन्म-मृत्यु आदि का आवेदन पत्र भी प्राप्त किया जाए। सामुदायिक शौचालय जो क्रियाशील हो गए हैं वहां सहमति के आधार पर यूजर चार्ज लगाए जाएं। सड़कों के किनारे के सामुदायिक शौचालय की दीवारों पर प्रचार सामग्री के रूप में होर्डिंग व वॉल पेंटिंग कराकर भी आय प्राप्त करें। जिससे शौचालय के छोटे-छोटे कार्य कराये जाने में सहयोग हो सके। प्रधानमंत्री व शहरी आवासों को समय से पूरा कराया जाए। कन्या सुमंगला योजना में जनपदों में अपेक्षाकृत कम आवेदन पत्र भरवाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने पात्र सभी लोगों का आवेदन भरवाए जाने का निर्देश दिया। गाजीपुर में पाइप पेयजल योजना अंतर्गत तीन स्थानों पर खारा पानी तथा एक स्थान पर आर्सेनिक निकलने के कारण परियोजना बंद होने की जानकारी पर शासन स्तर पर पत्राचार किए जाने का निर्देश दिया। जिससे दूसरे अन्य स्थानों पर इस परियोजना को कराया जा सके। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जनपदों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की जो दुकानें रिक्त हो रही हैं उसे स्वयं सहायता समूह को प्राथमिकता पर आवंटित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी गाजीपुर एमपी सिंह, जिलाधिकारी जौनपुर के अलावा मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य मंडलीय विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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