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Varanasi Gyanvapi Case : District Judge ने दोनों पक्षों की दलील सुनी, वादी पक्ष की मांग- कोर्ट कमीशन की वीडियोग्राफी-फोटो उपलब्ध कराई जाए

Varanasi : सुप्रीम कोर्ट के (Supreme court) आदेश के बाद जिला जज (District Judge) अजय कृष्ण विश्वेश (Ajay Krishna Vishwesh) की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी सर्वे (Gyanvapi Survey) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सबसे पहले प्रतिवादी पक्ष ने कोर्ट के पटल पर ऑर्डर 7 रूल 11 को रखा और सुनवाई करवाने की मांग की। इस पर दोनों पक्षों की दलीलें (arguments) कोर्ट ने सुनी। वहीं प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन (Advocate Vishnu Shankar Jain) ने इस मामले में कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी कोर्ट कमीशन सर्वे की रिपोर्ट के बाद अब वीडियोग्राफी और फोट्ज़ (videography and photos) को उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि हम उसपर तैयारी कर सकें।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष की इस दलील पर हमने कहा कि जो कोर्ट के रिकार्ड में एडवोकट कमीशन की रिपोर्ट है। उसको भी ऑर्डर 7 रूल 11 के समय में पढ़ा जाए क्योंकि ऑर्डर 26 रूल 10 के तहत अब वो कोर्ट के रिकार्ड का पार्ट बन चुकी है, क्योंकि धार्मिक स्वरुप कैसा है उस संपत्ति का, ये मिक्स क्यूश्चन है लॉ और फैक्ट का। उसको जब तक निर्धारित नहीं कर देते तब तक इनकी ऑर्डर 7 रूल 11 साबित नहीं हो सकती।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उनका आधार यही कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट से हमारा केस बार्ड है। उन्होंने कहा कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट में जो रिलिजियस कैरेक्टर शब्द यूज्ड है। उसको डिसाइड करने के लिए कमीशन की रिपोर्ट को डिसाइड करना बहुत जरूरी है। इसलिए हमने कोर्ट से आग्रह किया है कि कमीशन की रिपोर्ट की वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी हमें उपलब्ध कराई जाए। उसके बाद उन्हें उसपर कोई आपत्ति है तो वो आपत्ति दाखिल करें फिर ऑर्डर 7 रूल 11 डिसाइड हो जाये।

उन्होंने आगे बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनने के बाद अपना ऑर्डर सुरक्षित रखा है। इसमें आगे क्या प्रोसीजर अपनाया जाएगा और अगली सुनवाई की डेट क्या होगी ये भी कल पता चलेगा लेकिन जजमेंट कब होगा ये कोई नहीं बता सकता।

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