Breaking Varanasi ऑन द स्पॉट पूर्वांचल 

Varanasi Gyanvapi Case : एक ने कहा हम वापस लेंगे मुकदमा, बाकी चार पिटिशनर का कहना- हम जारी रखेंगे लड़ाई

Varanasi : ज्ञानवासी श्रृंगार गौरी केस में विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जीतेंद्र सिंह बिसेन ने केस वापस लेने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्य वादी राखी सिंह के केस वापस लेने को लेकर बात सामने आ रही है। चार अन्य महिला पिटिशनर ने राखी के बैकफुट होने पर अनभिज्ञता जताई है। पिटिशनर महिलाओं ने कहा है कि वे सभी वाराणसी की हैं, भले ही जीतेंद्र सिंह बिसेन केस वापस ले लें, हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे।

दरअसल, ज्ञानवापी प्रकरण में 5 महिलाएं वादी हैं। ऐसे में केस वापस लेने का अधिकार भी उन्हीं के पास है। राखी सिंह के पिछे हटने से केस पर कोई असर पड़ेगा या नहीं ये बाद में पता चलेगा। पिटिशनर लक्ष्मी देवी ने कहा कि राखी के मुकदमा वापस लेने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा, हम चारों साथ में मुकदमा लड़ेंगे।

दूसरी पिटिशनर रेखा पाठक ने कहा कि उन्हें राखी के पीछे हटने के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर वो नाम वापस ले रही हैं तो भी हम मुकदमे को आगे बढ़ाएंगे। वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जीतेंद्र सिंह बिसेन क्यों मुकदमा वापस ले रहे हैं हमें ये नहीं पता।

राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास, सीता साहू और रेखा पाठक ने 18 अगस्त 2021 को संयुक्त रूप से सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में याचिका दायर किया था कि काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी और विग्रहों को 1991 के पूर्व स्थिति की तरह नियमित दर्शन-पूजन के लिए सौंपा जाए।

इस प्रकरण में कोर्ट ने विग्रहों की स्थिति जानने के लिए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति की है। छह मई को कोर्ट कमिश्नर ने सभी पक्षों के साथ सर्वे भी किया। दूसरे दिन सात मई को मस्जिद के अंदर मुस्लिमों के प्रवेश नहीं देने पर कोर्ट कमिश्नर ने कार्रवाई को रोककर सर्वे 9 मई के लिए टाल दिया। सात मई को विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट कमिश्नर के सर्वे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अदालत में उनको बदलने की मांग की। अदालत ने वादी को अपना पक्ष रखने के लिए 9 मई तक सुनवाई टाल दी।

अचानक जीतेंद्र सिंह बिसेन ने मुकदमा वापस लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, उनके ऐलान के बाद बाकी चार अन्य वादी महिलाओं ने लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

You cannot copy content of this page