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Varanasi Gyanvapi Case : तीन दिन तक चल सकता है खसरा नंबर 9130 का सर्वे, 10 मई को है अगली सुनवाई

Varanasi : पांच महिलाओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और श्रृंगार गौरी के सर्वे और वीडियोग्राफी के आदेश दिए थे। कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था जो 10 मई को होने वाली अगली सुनवाई में सर्वे की रिपोर्ट पेश करेगा। पांचो महिलाओं के वाद के अधिवक्ता दिल्ली के शिवम गौड़ के मुताबिक, शुक्रवार शुरू हुआ खसरा नंबर 9130 का सर्वे तीन दिनों में पूरा होने की संभावना है।

शिवम गौड़ ने बताया कि खसरा नंबर 9130 के सर्वे के हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं। इस आदेश में खसरे के सर्वे का आदेश है जिसमें सम्पूर्ण ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और श्रृंगार गौरी समाहित हैं। ऐसे में इतने बड़े एरिया के सर्वे में तीन दिन का समय लग सकता है। सर्वे रविवार तक पूरा होने की संभवाना है।

याद होगा, दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास, सीता साहू और रेखा पाठक ने 18 अगस्त 2021 को संयुक्त रूप से सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें मांग की गयी थी कि काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी और विग्रहों को 1991 की पूर्व स्थिति की तरह नियमित दर्शन-पूजन के लिए सौंपा जाए। आदि विश्वेश्वर परिवार के विग्रहों की यथास्थिति रखी जाए।

सुनवाई के क्रम में आठ अप्रैल 2022 को अदालत ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया। कोर्ट कमिश्नर ने 19 अप्रैल को सर्वे करने की तिथि से अदालत को अवगत कराया। इससे एक दिन पहले 18 अप्रैल को जिला प्रशासन ने शासकीय अधिवक्ता के जरिए याचिका दाखिल कर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफ पर रोक लगाने की मांग की। उधर, 19 अप्रैल को विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रोकने की गुहार लगायी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा।

20 अप्रैल को निचली अदालत ने भी सुनवाई पूरी की। 26 अप्रैल को निचली अदालत ने ईद के बाद सर्वे की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया। आदेश के तहत कोर्ट कमिश्नर ने 6 मई को सर्वे करने से कोर्ट को अवगत कराया था। प्रकरण में अगली सुनवाई 10 मई को होनी है। वादी ने इस मामले में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, डीएम, पुलिस आयुक्त, अंजुमन इंतजमिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया है।

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