Varanasi 

Varanasi : सेवापुरी आदर्श विकास क्षेत्र के सभी 87 गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका- DM

Varanasi : जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सेवापुरी संतृप्तीकरण के कार्यों में अहम भूमिका निभाने के लिए ग्राम प्रधानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब जागरूकता करते हुए लोगों में व्यवहार परिवर्तन का कार्य आपको करना है। प्रधानों को मार्ग दर्शन देते हुए बताया कि गांव के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में कैसे वह अपनी भूमिका निभायें और किन-किन क्षेत्रों में इसे करना है। उन्होंने कहा कि सभी 87 गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। लाभार्थी परक योजना, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, स्कूल भवन, आंगनवाड़ी केन्द्र, सब सेंटर, सोकपिट, डस्टबिन, आर्गेनिक खेती, गौ आधारित खेती, मधुमक्खी पालन, इंटरनेट कनेक्शन, विद्युतीकरण आदि अनेक कार्य किये गये हैं।

डीएम ने गुरुवार को आदर्श गांव की परिकल्पना का आधार बताते हुए कहा कि इतने कार्यों के बाद लोगों के जीवन स्तर को इन संसाधनों के द्वारा कैसे ऊपर उठाया जाय, इसके लिये ग्राम प्रधानों को चार मुख्य लक्ष्य बताये जिससे वे लोगों को इन क्षेत्रों में जागरूक करने का कार्य करें। सबसे पहले स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बतायी जिसमें गर्भवती महिलाओं, माताओं, एक साल तक के बच्चों की देखभाल तथा 5 वर्ष तक के बच्चों की प्रारम्भिक स्वस्थ्य विकास आदि केटेगरी की स्वास्थ सम्बंधी जानकारी इनको दी जाय। इसके अलावा टीबी, मोतियाबिंद, बीपी, डायबिटीज व संचारी रोगों जैसे डेंगू मलेरिया आदि के इलाज हेतु बने 32 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के द्वारा इलाज की सुविधा की जानकारी देना। ऐसा करके हम एक गांव के लगभग चार से पांच सौ लोगों को बीमारी एवं असामयिक मृत्यु व इलाज के लिये व्यय होने वाले आर्थिक नुक्सान से बचा सकेंगे।

इस कार्य में 30-30 लोगों की गांव में टीम बनवा कर ट्रेनिंग दिलवायें फिर वे आंगनवाड़ी की कार्यकत्रियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने का कार्य करें और लोगों को सही जानकारी दें। दूसरा टार्गेट ग्रुप आंगनवाड़ी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी देना, सुरक्षित प्रसव करवाना, नवजात की देखभाल मातायें कैसे करें बताना, एक साल तक के बच्चों की देखभाल, 3 से 6 साल तक के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देना तथा 12 से 16 वर्ष की कन्याओं को स्वास्थ्य शिक्षा व स्वच्छता की जानकारी देकर जागरुक करना होगा।

स्कूली शिक्षा को तीसरा टार्गेट ग्रुप बताया और कहा कि हर बच्चा स्कूल जाये इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करना उनकी काउंसिलिंग करना। जिससे व अपने बच्चों को स्कूल भेजें। स्वच्छता का चौथा लक्ष्य देते हुए उन्होंने ग्राम प्रधानो से कहा प्रधानमंत्री ने भी सबसे पहला अभियान स्वच्छता का पूरे देश में चलाया। गांव में प्रवेश करते ही पहला प्रभाव स्वच्छता का ही पड़ता है, जिससे आने वाले को ग्रामवासियों के जीवन स्तर का परिचय स्वयं मिल जाता है। गांव के कूड़े कर्कट साफ करान, शौचालय प्रयोग, नाली खड़जा आदि की सफाई, तालाबों के आसपास साफ सफाई रखना आदि कार्यों को लोगों को अपने जीवन की दिनचर्या में शामिल कर व्यवहार परिवर्तन करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए इसके दूरगामी परिणाम को बताने की जिम्मेदारी दी। कहा पंचायतों का मुख्य कार्य लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। इसके अलावा भी और भी बहुत से कार्य है जैसे लोगों के आय के स्रोत बढ़ाना, ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना, मधुमक्खी पालन, मतस्य पालन आदि ऐसे बहुत से कार्य हैं, जिसको करके आप आत्म संतुष्टि पा सकते हैं।

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