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Varanasi : महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी थमती नहीं, #Local4Diwali के मंत्र की गूंज- PrimeMinister

प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में किया संबोधन

Varanasi : अपने संसदीय क्षेत्र को सोमवार को दीपावली का गिफ्ट देने के बाद अपने सम्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने शहर में विकास कार्यों की जरूरत पर बल देते हुए शहर के विकास के लिए किए गए कार्यों को गिनाया। पूर्वांचल के लोगों के छोटी जरूरतों के लिए उपलब्‍धता की जानकारी दी। पीएम ने किसानों, कारोबारियों और आम नगारिकों के लिए काशी में किए गए सरकार के प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए भविष्‍य की योजनाओं की झलक भी दिखायी। बोले, बनारस में जो विकास के कार्य हो रहे हैं, सरकार ने जो निर्णय लिये हैं, उनका लाभ बनारस के लोगों को मिल रहा है। ये जो सब कुछ हो रहा है उसके पीछे बाबा विश्वनाथ का ही आशीर्वाद है। महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी थमती नहीं है।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में काशीवासियों को धनतेरस, दीपावली, अन्नकूट, भाईदूज और डाला छठ की बधाई दी। आगे कहा कि मां गंगा की तरह निरंतर आगे बढ़ती रहती है। कोरोना के कठिन काल में भी काशी आगे बढ़ती रही। कोरोना के खिलाफ बनारस ने जिस जीवटता से लड़ाई लड़ी है, इस मुश्किल समय में जो सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया है। वो बहुत प्रशंसनीय है। महादेव का आशीर्वाद ही है कि जब भी काशी के लिए नए कार्यों की शुरुआत होती है, तो पुराने कई संकल्प पूरे हो चुके होते हैं। यानी एक तरफ शिलान्यास, दूसरी तरफ लोकार्पण होता है।

आज भी करीब 220 करोड़ रुपये की 16 योजनाओं के लोकार्पण के साथ, करीब 400 करोड़ रुपये की 14 योजनाओं पर काम शुरु हुआ है। बनारस के शहर और देहात के इस विकास योजना में पर्यटन के साथ-साथ संस्कृति और सड़क, बिजली, पानी भी हो। हरदम प्रयास ये ही है कि काशी के हर व्यक्ति की भावनाओं के अनुरूप ही विकास का पहिया आगे बढ़े। मां गंगा को लेकर ये प्रयास, ये प्रतिबद्धता काशी का संकल्प भी है, और काशी के लिए नई संभावनाओं का रास्ता भी है। धीरे-धीरे यहां के घाटों की तस्वीर बदल रही है। गंगा घाटों की स्वच्छता और सुंदरीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा है।

काशी बिजली बिजली के तारों की जाल मुक्त

पीएम ने कहा, आज गंगा एक्शन प्लान प्रोजेक्ट के तहत काशी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है साथ ही साही नाला से अतिरिक्त सीवेज गंगा में गिरने से रोकने के लिए डायवर्जन लाइन का शिलान्यास भी किया गया है। आज जिस लाइट एंड साउंड कार्यक्रम का लोकार्पण किया गया है, उससे सारनाथ की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी। काशी की एक बड़ी समस्या यहां लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है। आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण, आज पूरा हो चुका है।

नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा

बनारस की कनैक्टिविटी हमेशा से हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। काशीवासियों का और यहां आने वाले हर श्रद्धालु का समय सड़क जाम में न लगे, इसके लिए यहां नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। बाबतपुर से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क भी अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर दो पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। छह वर्ष पहले जहां बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे 4 गुणा फ्लाइट्स चलती हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनता जा रहा

बोले, बीते छह सालों में बनारस में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुए हैं। आज काशी यूपी ही नहीं, बल्कि एक तरह से पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनता जा रहा है। अब पूर्वांचल के लोगों को छोटी-छोटी जरूरत के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

किसानों को बहुत बड़ा लाभ हो रहा

बनारस और पूर्वांचल के किसानों के लिए तो स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की अनेक सुविधाएं यहां तैयार की गई हैं। इंटरनेशनल राइस संस्थान का सेंटर हो, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट हो, पेरिशबल कार्गो सेंटर का निर्माण हो, ऐसी अनेक सुविधाओं से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। ये भी हमारे लिए गर्व की बात है कि इस साल पहली बार वाराणसी से फल, सब्जी और धान को विदेश के लिए निर्यात किया गया है।

स्वामित्व योजना शुरू

गांव में रहने वाले लोगों को, गांव की जमीन, गांव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। गांवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी। गांव, गरीब और किसान आत्मनिर्भर अभियान के सबसे बड़े स्तंभ और लाभार्थी हैं। हाल में जो कृषि सुधार हुए हैं, उससे किसानों को सीधा लाभ होने वाला है। किसानों के नाम पर किसानों की मेहनत हड़प जाने वाले बिचौलियों को सिस्टम से दूर किया जा रहा है।

लोकल सामान खरीदेगा

बोले, आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, लोकल फॉर दीवाली के मंत्र की गूंज चारो तरफ है। हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी।

… और अंत में

अंतिम में कहा कि शास्त्रों में कहा गया है- काश्यां हि काशते काशी, काशी सर्वप्रकाशिका। अर्थात काशी को काशी ही प्रकाशित करती है और काशी सभी को प्रकाशित करती है। इसलिए आज विकास का जो प्रकाश फैल रहा है और जो बदलाव हो रहा है ये सब काशी और काशीवासियों के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

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