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Varanasi : प्राइवेट स्कूल वालों ने की बैठक, बोले चरमराने लगी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति

Varanasi : कोरोना वायरस को लेकर सरकार के स्तर पर जारी लॉकडाउन में देहात क्षेत्र के निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति चरमराने लगी है। कई विद्यालयकर्मी तो ऐसे हैं जो दूसरे जगह से आकर यहां पर कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं विद्यालय के संचालकों की भी आर्थिक स्थिति चरमराने लगी है।

हालात पर विचार करने को लेकर सोमवार को विद्यापीठ ब्लॉक के सरहरी स्थित यूनिवर्सल स्कूल के परिसर में कई निजी विद्यालयों के निदेशकों की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए एक निजी स्कूल के निदेशक समलेश चंद पटेल ने कहा कि लगभग आठ महीने से लॉकडाउन के कारण विद्यालयों के तमाम शिक्षक एवं कर्मियों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है, साथ ही विद्यालय बंद होने का संकट खड़ा हो गया है। 8वीं तक के विद्यालय एकाएक बंद होने से हजारों शिक्षक, कर्मचारी, चालक तथा सफाईकर्मी भी काम से वंचित हो गये हैं।

रंजीत पटेल ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई भी कंपनी या संस्थान अपने कर्मियों को नौकरी से नहीं निकाले ऐसे में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की चिंता भी सरकार को करनी चाहिए। ऐसे लॉकडाउन की ऐसी स्थिति में सरकार निजी विद्यालय की क्षतिपूर्ति का वहन करे। जिससे विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, कर्मचारियों, सफाईकर्मियों, चालकों का कम से कम वेतन दिया जा सके।

रामाश्रय पटेल ने कहा कि मार्च महीने में ही कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया था। जिससे अचानक विद्यालय बंद हो गए। ऐसी स्थिति में परीक्षा भी समाप्त नहीं हो पाई। इसी दौरान बच्चों की फीस भी जमा होती, परंतु बच्चों की फीस भी जमा नहीं हो पायी। ऐसी स्थिति में विद्यालय के संचालकों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति खड़ी हो गई है।

जय प्रकाश रावत ने कहा कि सरकार को भी निजी विद्यालयों के लिए सहयोगात्मक विचार करना चाहिए, ताकि निजी विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता को बरकरार रख सके और कम मानदेय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जा सके। घनश्याम प्रजापति ने कहा कि निजी स्कूलों को मिलने वाले शिक्षण शुल्क का 85 फीसद खर्च शिक्षकों व अन्य कर्मियों के वेतन एवं वाहन खर्च आदि में खर्च हो जाता है। बचे हुए पैसे से किसी तरह अपना भरण-पोषण होता है। लगभग आठ महीनों से लगातार बंद के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई है। ऐसी स्थिति में यदि सरकार निजी विद्यालयों की आर्थिक मदद नहीं करती है तो विकट स्थिति उत्पन्न हो जायेगी।

बैठक में प्रमुख रूप से संजय पटेल, अरविंद कुमार, प्रभात पटेल, सौरभ वर्मा, रंजीत पटेल, रामाश्रय पटेल, घनश्याम प्रजापति, समलेश चंद्र पटेल, जयप्रकाश रावत सहित कई निजी विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद थे।संचालन सतीश कुमार ने व धन्यवाद ज्ञापन अरविंद कुमार पटेल ने किया।

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