Varanasi धर्म-कर्म 

शारदीय नवरात्र : दुष्ट संहारिणी नाम तुम्हारा, महा चंडी तेरा अवतारा

सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के दर्शन

Varanasi : शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि देवी के दर्शन का विधान है। शुक्रवार को सातवें दिन भक्तों ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के समीप येलो जोन के कालिका गली स्थित माता दरबार में दर्शन-पूजन किया। माला-फुल, नारियल, चुनरी, भोग, सिंधुर अर्पित कर सुख समृद्धि मांगी। दर्शन-पूजन के दौरान मन्दिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था थी। 

इससे पूर्व भोर में 3 बजे कालरात्रि देवी का मंगला बेला में देवी को दूध दही, घी, इत्र, गुलाबजल, गंगाजल आदि से पंचामृत स्नान कराया गया नुतन वस्त्र धारण कराया गया। मुकुट, नथिया, बिंदी, मांगटिका लगने के बाद देवी की अलौकिक आभा देखने को मिल रही थी। इसके बाद महंत सुरेन्द्र नारायण तिवारी ने देवी की आरती उतारी। देवी की आरती और पंचामृत लेने के लिए भक्तो में होड़ लगी रही। दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा। मन्दिर की भव्य सजावट की गई। भक्त कतारबद्ध होकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ माता के दर्शन किया गया। इस दौरान मंदिर के समीप अस्थायी दुकानें भी लगी रही।

मान्यता है कि इन देवी के पूजन-अर्चन से अकाल मृत्यु का भय नहीं रह जाता है। या यूं कहें कि अकाल मृत्यु का संकट दूर हो जाता है तो अतिशयोक्ति न होगी। अकाल मृत्यु हरणं देवेश्वरी सर्वबाधा विनाशिनी। भगवती कालरात्रि की उपासना से सभी तरह के भय से मुक्ति मिलती है, मुकदमा में विजय, शत्रुओं से संबंधों में सुधार, भौतिक ताप का नाश होता है।

error: Content is protected !!