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Varanasi : काशी पहुंचे साइबेरियन मेहमान, गुलजार हुए घाट, तीन महीने तक करते है प्रवास

Varanasi : सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है और काशी में विदेशी मेहमान साइबेरियन बर्ड का आगमन हो चुका है। ये विदेशी पक्षी घाटों की रौनक को और बढ़ा रहे हैं।  इसके साथ ही नौका विहार करने वालो के आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं। सात समंदर पार कर आने वाले ‘आकाशीय मेहमानों’ ने लगभग एक महीने की लम्बी यात्रा कर काशी पहुंच चुके है। साइबेरियन पक्षियों के चलते गंगा तटों का नजारा बदल गया है। एक ओर जहां खुशनुमा मौसम के कारण गंगा की सैर करने वाले सैलानियों में खुशी का माहौल है वहीं विदेशी मेहमानों की मौजूदगी घाटों के सौंदर्य को और खूबसूरत बना रहे हैं।

साइबेरिया से आने वाले इन पक्षियों की एक बड़ी संख्या आज कल गंगा की लहरों पर तैरते दिख रही है। हर साल आने वाले इन मेहमानों से जहां पर्यटकों में खुशी देखने को मिल रही है, वहीं विदेशी सैलानियों और फोटोग्रॉफी के शौकीन लोगों के लिए इन पक्षियों की मौजूदगी खास बन गई है। सर्दियों के मौसम में वाराणसी में इन पक्षियों की कई प्रजातियां देखने को मिल जाती है। इस दौरान करीब 3 महीने तक साइबेरियन काशी प्रवास करते हैं और गर्मियों की शुरुआत के वक्त वापस एक लंबी उड़ान के बाद अपने देश लौटते हैं।

कई प्रजाति शामिल

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रवासी पक्षी नवंबर से फरवरी तक बनारस आते हैं। इनमें साइबेरियन पक्षी साइबेरियन सी गल, बेवलर, सन बर्ड सहित अनेक पक्षियों की प्रजाति शामिल होती हैं। दरअसल, साइबेरिया सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में अत्याधिक ठंड से बर्फ जमी होती है। जबकि बनारस का मौसम उस समय न तो बहुत ठंड होता है न बहुत गर्म। साथ ही यहां पर इन पक्षियों के खाने के लिए कई तरह के जीव-जंतु भी मिल जाते हैं। 

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