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Varanasi Top News : लंका थाने में पड़ी तहरीर, बोले छात्र, ‘बीएचयू महामना परिवार वर्ल्डवाइड’ के नाम से बनाया गया Facebook Group, Online ठगी का आरोप

Varanasi : एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर तूल पकड़ता जा रहा है। प्रकरण काशी हिंदू विश्वविद्यालय से जुड़ा है। छात्र नेता मृत्युंजय तिवारी आजाद के मुताबिक, प्रकरण को लेकर लंका थाने में लिखित शिकायत की गई है। साइबर ठगी के जरिए ठगों ने कई लोगों को चूना लगाया है।

बकौल मृत्युंजय तिवारी आजाद, लंका थाने में दी गई तहरीर में लिखा गया है कि प्रभारी निरीक्षक\थानाध्यक्ष लंका वाराणसी, उत्तर प्रदेश पिन कोड 221005। द्वारा मुख्य आरक्षाधिकारी काशी हिंदू विश्वविद्यालय। विषय आपराधिक विश्वासघात व छलने तथा ऑनलाइन माध्यम से ठगी के मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के संबंध में।

तहरीर में उल्लेख है कि महोदय, आपको सादर अवगत कराना है कि ऑनलाइन माध्यम से काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व व वर्तमान छात्रों के साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी की गयी है। प्रकरण यह है कि बीएचयू का एक शोध छात्र जो बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश में शिक्षक है उसके द्वारा पिछले वर्ष ‘बीएचयू महामना परिवार वर्ल्डवाइड’ के नाम से एक फेसबुक ग्रुप बनाया गया जिसका वह स्वयं एडमिन है। जिसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के देश-विदेश में रहने वाले लगभग 70 हजार पुरातन छात्र जुड़े और पिछले वर्ष के लॉकडाउन में लाखों रुपये चंदा लेकर थोड़ा बहुत समाज कार्य किया गया। उल्लेखनीय है की यह पैसा व्यक्तिगत अकाउंट में लिया गया।

लिखा है, तत्पश्चात इस वर्ष चंद रोज पहले अचानक सूचना दी गयी कुछ तकनीकी कारणों से बीएचयू महामना परिवार वर्ल्डवाइड फेसबुक ग्रुप बंद हो गया है। और उसके बदले कुटुंब ऐप शुरू किया गया जिसमें सदस्यता लेने के दौरान चंदा (Donation) का विकल्प प्राथमिकता पर आने लगा। और स्पष्ट तौर पर एडमिन द्वारा यह उल्लेखित किया गया कि बीएचयू महामना परिवार वर्ल्डवाइड में दान देने वाले को कम्यूनिटी में विशेष सम्मान मिलता है। अतः दान करके कम्यूनिटी की मदद करें। इसी वर्ष 7 और 8 मई को कुटुंब एप लांच हुआ लिंक- https://kutumb.app/bhu-mahamna-parivar?ref=RYNO) जिसमें लाखों रुपये चंदा आए। लेकिन यह चंदा व्यक्तिगत खाते में डायवर्ट किया गया था। कहीं दूसरे अनजान खाते में लाखों रुपए को डायवर्ट किया गया। यहां यह भी विशेषतौर पर उल्लेखनीय है की महामना सेवा समिति के नाम से पिछले वर्ष ट्रस्ट ग्रुप के एडमिन व अन्य द्वारा बनाया गया लेकिन दान का पैसा व्यक्तिगत खाते में लिया जाता रहा। यानि लाखों रुपये चंदे के रूप में लिया गया जिसका कोई ब्यौरा एडमिन व अन्य द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया।

स्थिति यहां तक पहुंच गयी की 8 मई, 2021 को बीएचयू द्वारा आधिकारिक बयान जारी कर यह कहना पड़ा की इस कुटुंब ऐप व बीएचयू महामना परिवार वर्ल्डवाइड का आधिकारिक तौर पर बीएचयू से कोई संबंध नहीं है।

मृत्युंजय तिवारी आजाद के अनुसार, एडमिन अपराधिक प्रवृत्ति का है तथा इसका पूर्व में थाना मरदह गाजीपुर अपराधिक इतिहास रहा है। मतलब स्पष्ट है कि कुछ लोगों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र में शामिल हो, एडमिन व अन्य सहयोगियों द्वारा भोले-भाले देश-विदेश में रहने वाले पुरातन व वर्तमान छात्रों, बीएचयू और महामना से जुडी भावनाओं को भुनाया गया। उपरोक्त कृत्य द्वारा हम सबके साथ आपराधिक विश्वासघात किया गया व छला गया। एडमिन व अन्य ठगों का शुरू से ही Motive व Intention ठग रहा है।

तहरीर में उल्लेख किया गया है कि, ऐसे में उपरोक्त तथ्यों के आलोक में अविलंब प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर मामले की त्वरित जांच की जाय।

उन्होंने बताया कि, एप्लीकेशन की हार्ड कॉपी थाने में दी गई है। एक एप्लीकेशन में अभिषेक उपाध्याय वादी हैं। दूसरा एप्लीकेशन सभी छात्रों के नाम से ट्चीफ प्रॉक्टर द्वारा फारवर्ड करा कर दिया गया है।

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