Varanasi धर्म-कर्म 

Varanasi : रामराज की स्थापना में वानरराज हनुमान जी का अमूल्य योगदान- इंद्रेश कुमार

लमही स्थित निर्माणाधीन राममंदिर में वानर शिरोमणियों के नाम का शिला पूजन

साकेत भूषण श्रीराम के साथ विराजेंगे वानर शिरोमणि हनुमान जी

Ajit Mishra

Varanasi : साकेत भूषण श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए इन्द्रेश नगर लमही में चल रहे 9 दिवसीय हनुमान चालीसा हवनात्मक महायज्ञ के चौथे दिन वानर शिरोमणि के नाम की शीला पूजा की गई। वैदिक विद्वान पंडित अनुज पाण्डेय एवं पंडित प्रदीप शास्त्री ने वैदिक मंत्रों के साथ शिला पूजन कराया। महायज्ञ के मुख्य यजमान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने हनुमान जी का आह्वान किया, ताकि मंदिर निर्माण निर्वाध गति से हो सके। वानर शिरोमणियों में वानरराज सुग्रीव, अंगद, नल, नील, भगवान केशरी, माता अंजनी के साथ हनुमान जी विराजमान रहेंगे। वानर शिरोमणि पश्चिम मुखी रहेंगे और भगवान साकेत भूषण माता जानकी सहित पूरब मुखी रहेंगे।

इस अवसर पर मुख्य यजमान इन्द्रेश कुमार ने कहा कि राम राज्य की स्थापना में वानर शिरोमणियों का अमूल्य योगदान था। जब धर्म युद्ध शुरू हुआ और पाप को इस दुनियां से खत्म करने की बारी आयी तो भगवान श्रीराम ने वानर सेना की सहायता लेकर दुनियां में व्याप्त सभी तरह के भेदभाव खत्म कर दिये। आज दुनियां भेदभाव से पीड़ित है। पीड़ितों गले लगाने और उनको मानवीय संवेदना से परिचित कराने के लिये ही रामपंथ का उदय हुआ है। रामपंथ के सभी मंदिर सभी लोगों को उदारता से प्रवेश करने का अधिकार देगा।

श्री रामपंथ के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव ‘श्री गुरुजी’ ने कहा कि मानवता की सेवा के लिए रामपंथ दुनिया में भगवान श्रीराम की आस्था का विस्तार करेगा। रामपंथी भगवान श्रीराम के किये गये कार्यों, सम्बन्धों को ही अपने कार्य का आधार बनाएंगे। रामपंथ विश्व के सभी देशों को शांति के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।

इस कार्यक्रम में चट्टो बाबा, रमेश शर्मा, मो. अजहरूद्दीन, अशोक सहगल, तुषारकांत, नीलेश दत्त, मोईन खान, अभिजीत बिसेन, अर्चना भारतवंशी, नजमा परवीन, नाजनीन अंसारी, डा. मृदुला जायसवाल, खुशी रमन, उजाला, इली, दक्षिता, धनंजय यादव, रऊफ अली आदि लोगों ने भाग लिया।

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