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Varanasi : फ्लैट रेट से बुनकरों को चाहिए बिजली, मुर्री बंदी, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

Varanasi : मासिक 75 रुपये में फ्लैट रेट से बिजली प्रयोग करने के लिए बुनकरों ने गुरुवार से फिर एक बार मुर्री बंद कर हड़ताल किया। उनका कहना था कि सरकार हमारे साथ वादाखिलाफी कर रही है। दरअसल, गत अगस्त माह में हड़ताल पर गए बुनकरों को यह कहकर हड़ताल खत्म कराया गया था कि जुलाई माह तक फ्लैट रेट से बिल का भुगतान सभी बुनकर करेंगे। इसके बाद बुनकरों के लिए 15 दिन में नई योजना लाई जाएगी। दो माह बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से बुनकरों के लिए बिजली से संबंधित कोई भी नई योजना नहीं लाई गई। इस वादाखिलाफी के विरोध के कारण 15 अक्टूबर से सभी बुनकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसको लेकर बुधवार को बुनकरों ने बैठक किया था। कहा था कि सरकार से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। हम लोग सरकार से मांग करते हैं जिस तरह बुनकरों को 2006 से फ्लैट रेट पर बिजली मिलती थी वह अभी भी जारी रहे। सरकार को पूरा हक है फ्लैट रेट अगर पहले के मुकाबले कम है तो उसे बढ़ा लें। जिसका भुगतान हम करने के लिए तैयार हैं।

उधर, लोहता में बुनकरों ने दोपहर बाद मीना बाजार में चौतीसवीं के महतो के नेतृत्व में बुनकर बिजली की सब्सिडी को लेकर मीटिंग रखा। मीटिंग में चौतीसवीं महतो ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पावरलूम बुनकरों का जो फ्लैट रेट सब्सिडी मुक्त बिजली मिलती थी उसे सरकार ने समाप्त कर मीटर से बिल वसूली का फरमान जारी किया है। जिससे बुनकर लोगों को पावरलूम चलाना संभव नहीं है। पावरलूम के लिए बिजली सब्सिडी पहले की तरह मिले इसके लिए पूर्व मुर्री बंदी का एलान कर बुनकरों ने पावरलूम बंद किया था जिससे उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनकरों को 15 दिन का मोहलत दिया था। सवा महीना बीत गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मीटिंग में उपस्थित सभी बुनकरों ने गुरुवार को फिर मुर्री बंदी कर दिया। मुर्री बंदी अनीश्चित कालीन के लिये है।

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