Varanasi ऑन द स्पॉट 

पानी काउंटर है खास, देखकर बुझाइए प्यास : शो पीस बने पानी काउंटर, ऊंची कीमतों पर पानी खरीदने को लोग मजबूर

Varanasi : लोगों को सुविधा पहुंचे जिसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही और हीलाहवाली से उपलब्ध संसाधन का भी उपयोग आमजनता नहीं कर पा रही है। इसका जीता जागता उदाहरण अस्सी और बीएचयू में लगे पानी काउंटर हैं।

बता दें कि कोयला मंत्रालय के अधीन काम करने वाली कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड की ओर से बनारस के लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए लाखों रुपये खर्च करके काउंटर बनाया गया, लेकिन यह कुछ दिनों बाद बंद हो गया।

कोल इंडिया की ओर से अस्सी घाट और बीएचयू परिसर में शुद्ध पेयजल काउंटर को अब नगर निगम ने फिर से शुरू करने का मन बनाया था, लेकिन अब पीछे हट रहा हैै। आधी गर्मी बीत जाने के बाद भी कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है। काउंटर के मशीनों के खराब होने के कारण लोगों को बाहर से ऊंची कीमतों पर पानी खरीदना पड़ता है।

हालांकि, एक माह पूर्व निगम आयुक्त ने अस्सी और बीएचयू परिसर स्थित शुद्ध पेयजल काउंटर के बारे में जानकारी लेकर शुरू करने की बात तो कही गई थी, लेकिन वो अब तक अधर में है। अस्सी घाट पर एनएलसी कंपनी का काउंटर जबसे बना, तभी से बंद पड़ा है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी के समीप लगा काउंटर भी बंद पड़ा है, जबकि यहां रोज मरीजों की लाइन लगती है।

अस्सी और बीएचयू में एनएलसी के शुद्ध पेयजल वाले काउंटर के बारे में स्थानीय लोगों को भी नहीं पता है। अस्सी घाट के समीप लगे काउंटर के पास साइकिल स्टैंड है और काउंटर से सटे कई बड़े होटल भी हैं, लेकिन किसी को नहीं पता कि ये आखिर बंद क्यों पड़ा है।

लोगों ने तो यहां तक बताया कि आज तक कभी खुलते ही नहीं देखा है। कुछ यही हाल बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी के पास लगे काउंटर का भी है।

नगर आयुक्त प्रणय सिंह का कहना था कि अस्सी घाट और बीएचयू परिसर में स्थित शुद्ध पेयजल का काउंटर जायका की तरफ से बनाया गया था, लेकिन अभी इसके बारे में पूरी जानकारी मेरे पास नहीं है। मैैं इस बारे में पता लगा रहा हूं कि यह कैसे बना था।

कहा, फिलहाल अभी वहां की मशीनें खराब हैैं, जो बहुत ही कीमती हैैं। उन मशीनों को बनाने के लिए यहां पर मैकेनिक उपलब्ध नहीं है। मशीन कब तक सही हो पाएगी, कहना मुश्किल है।

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