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बाढ़ के बाद बीमारियों की लहर : डेंगू के अलावा त्वचा रोग की भी समस्या, पानी ठहरने के बाद बढ़ा संकट

Varanasi : बाढ़ के कहर के बाद अब बीमारियों के लहर का दौर शुरू हो गया है। हालात यह हैं कि बाढ़ वाले इलाकों में संक्रमण के कारण वायरल, डायरिया और त्वचा के मरीजों में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसका अंदाजा मंडलीय व दीनदयाल अस्पताल के साथ ही तटवर्ती इलाकों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ी भीड़ से लगाया जा सकता है। मंडलीय अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में जहां पहले प्रतिदिन औसतन 120 मरीज आते थे, अब संख्या 200 के पार हो गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भी प्रतिदिन संख्या 100 से बढ़ कर 150 तक पहुंच गई है।

पेट दर्द, उल्टी-दस्त के साथ ही वायरल फीवर के मरीज भी 25 फीसद तक बढ़ गए हैं। लालबहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल रामनगर, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर, सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढेलवरिया, बड़ी बाजार व भदऊं शहरी पीएचसी, जामिया अस्पताल में भी त्वचा रोग, डायरिया व बुखार के मरीजों की संख्या में दो गुना तक वृद्धि हुई है। वास्तव में बाढ़ के दौरान पानी में आने-जाने, नहाने आदि से तमाम लोग फंगल इनफेक्शन की चपेट में आए। उस दौरान राहत शिविरों में पेयजल की व्यवस्था तो थी, लेकिन बाढ़ उतरने के बाद लोग घरों में पहुंचे तो अब हैंडपंप या सरकारी नलों से आपूर्ति किया जा पानी पी रहे हैं। इनमें गंदा ही पानी आ रहा है। मंडलीय अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. मुकुंद श्रीवास्तव के अनुसार बाढ़ क्षेत्रों से फंगल इनफेक्शन के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्हें साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। उन्हें ताजा भोजन व साफ पानी पीने की सलाह दी जा रही है।

बाढ़ हटने के बाद से डेंगू के दस नए मरीज सामने आ चुके हैं। मंगलवार को अलग-अलग अस्पतालों से रैपिड किट में 12 नए डेंगू के मरीज आए हैं। बाढ़ प्रभावित सैकड़ों घरों में लोग बुखार और पेट की बीमारी से जूझ रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय व कबीरचौरा स्थित शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इनमें कछारी क्षेत्र से डायरिया, बुखार व डेंगू के मरीज अधिक है।

चर्म रोग विशेषज्ञ डा. मुकुंद लाल श्रीवास्तव ने बताया कि मंडलीय चिकित्सालय में बरसात की वजह से फंगस की समस्या के अधिक मरीज आ रहे हैं। पहले जो ओपीडी मंडलीय चिकित्सालय में 120 रहती थी, इस समय यह बढ़कर 200 के करीब है। इनमें बरसात की वजह से फंगस की समस्या अधिक है। ऐसे में शरीर को सूखा रखना चाहिए। साफ कपड़े से शरीर को स्वच्छ रखना चाहिए। इसी तरह पंडित दीनदयाल में भी रोजाना 150 के करीब चर्म रोग दिखान के लिए आ रहे है।

ऐसे करें बचाव

  • किसी भी हाल में उबला पानी ही पीएं।
  • बासी खाना से पूरी तरह परहेज करें।
  • कटे फल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • बाहर खुले में खाना न खाएं।
  • बाहर मिलने वाले चाट-मसाले का प्रयोग न करें।
  • बच्चों को साफ-सफाई के साथ रखें।
  • हल्का भोजन करें और शुद्ध पानी ही पीएं।

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