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Varanasi में 48 घंटे के अंदर फिर पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग, 50 हजार के इनामी अनिल के पैर में लगी गोली, बदमाशों ने चलाई इतने राउंड गोली

Varanasi : पुलिस ने क्रिमिनल्स के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अरविंद चौहान उर्फ मोनी उर्फ मोनू के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद बदमाशों के होश काफूर हैं। मंगलवार को दोपहर लक्सा थाना क्षेत्र के जद्दूमंडी का रहने वाला बदमाश अनिल यादव पट्टी कोर्ट पहुंचा। कैंट थाने में कायम एक मुकदमे के मामले में जमानत तुड़वा कर वह जेल चला गया। मुठभेड़ के दौरान भाग निकले 50 हजार रुपये के इनामी अनिल यादव की पुलिस तलाश कर रही थी। मोनू के साथ हुई मुठभेड़ के 48 घंटे के अंदर बुधवार की रात इंस्पेक्टर जैतपुरा शशि भूषण राय को जानकारी मिली कि अशोक विहार कॉलोनी की तरफ से बाइक सवार दो बदमाश आने वाले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम के साथ उन्होंने घेराबंदी की।

बाएं पैर में लगी गोली

बिना नंबर की ग्लैमर बाइक से दो युवक आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा। बाइक सवार दोनों युवक पुलिस टीम पर गोली चलाते हुए भागने लगे। पुलिस ने पीछा करना शुरू किया। सारंग तालाब से होते हुए बाइक सवार दोनों बदमाश बघवानाला पहुंचे। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग शुरू की। बाइक फिसल कर गिर पड़ी। एक बदमाश भाग निकला। दूसरे बदमाश के बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। वह गिर पड़ा। पुलिस ने उसे शिव प्रसाद गुप्ता मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर तकरीबन सात राउंड फायर किया है। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने तीन राउंड गोली चलाई है।

भाग निकले बदमाश की तलाश

भाग निकले बदमाश की पुलिस तलाश कर रही है। गोली लगने से जख्मी बदमाश ने हॉस्पिटल में अपना नाम अनिल यादव निवासी गाजीपुर जमानिया सब्बलपुर बताया। अनिल पर 50 हजार रुपये का इनाम है। रविवार को हुई मुठभेड़ के दौरान अनिल पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग निकला था। उसकी तलाश की जा रही थी। मोनू की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई थी। जख्मी अनिल के कब्‍जे से कब्जे से .32 बोर की देसी पिस्टल, ग्लैमर बाइक और कारतूस बरामद हुआ है।

हत्या, लूट और हत्या की कोशिश के बाद खोज रही थी पुलिस

अनिल ने मुठभेड़ में मारे गए बदमाश मोनू चौहान के साथ दीपावली के समय तीन दिन में दो जगह हत्या, लूट और हत्या का प्रयास किया था। इसमें घड़ी कारोबारी श्‍याम बिहारी मिश्रा की मौत हो गई थी। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, अनिल यादव कुख्यात अपराधी है। उस पर विभिन्न थानों में गैंगस्टर एक्ट से लेकर हत्या आदि के मुकदमे कायम हैं। अनिल की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच के साथ पुलिस की टीमें लगी थीं। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में मोनू के खिलाफ शस्त्र अधिनियम और फरार अनिल यादव पर हत्या के प्रयास का मुकदमा कायम कराया था।

मोनू का अंतिम संस्कार

उधर, रविवार की रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मोनू उर्फ मोनी उर्फ अरविंद चौहान का पोस्टमार्टम सोमवार की रात हुआ। रात में ही कड़ी सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस से लेकर दाह संस्कार तक फोर्स तैनात थी। उसके परिजन भी मौजूद थे।

बोले एसपी सिटी

एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम को जानकारी मिली थी कि दो बदमाश अशोक विहार कॉलोनी की ओर से आने वाले हैं। पुलिस ने घेरेबंदी की। बाइक से आ रहे युवकों को रुकने का इशारा किया गया तो वह फायरिंग कर भागने लगे। सेल्फ डिफेंस में पुलिस ने गोली चलाई। अनिल के पैर में गोली लगी जबकि उसका साथी भाग निकला। फरार बदमाश की तलाश की जा रही है।

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