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विश्वप्रसिद्ध रामलीला : भरत और शत्रुघ्न श्रीराम-सीता के चरणों में गिर पड़े, अद्भुत झांकी के दर्शन कर लीला प्रेमियों की आंखों से खुशी के आंसू

Sanjay Pandey

Varanasi : चित्रकूट में भरत के साथ माताओं के आगमन का समाचार सुन श्रीराम तीर-धनुष फेंक अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं। नंगे पांव श्रीराम को देख लक्ष्मण भी उनका अनुसरण करते हैं। भरत व शत्रुघ्न श्रीराम-सीता के चरणों में गिर पड़ते हैं। चारो भाई आपस में आलिंगन कर एक-दूसरे का कुशल क्षेम पूछते हैं।

रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला में मंगलवार को इस अद्भुत झांकी के दर्शन कर लीला प्रेमियों की आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़ते हैं। लीला में 12वें दिन भरत का यमुनावतरण, ग्रामवासी मिलन श्रीराम दर्शन की लीला का मंचन किया गया। इसमें भरत को गंगा पार उतारने वाले केवट का परिचय जान श्रीराम उसे भी गले लगाकर स्नेह देते हैं। लज्जित माता कैकेयी को दोषमुक्त कर इसे ब्रह्मा रचित प्रपंच बताते हैं। माता सुमित्रा की गोद में बैठ उन्हें ढांढस बंधाते हैं। तीनों माताएं सीता का सुहाग अचल रहने का वरदान देती हैं।

वशिष्ठ मुनि की आज्ञा लेकर बड़े भाई राम को मानने के लिए छोटे भाई शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट के लिए निकलते हैं। की इतने में देवराज इंद्र भी द्रवित हो कर बरस पड़ते हैं, जिससे महाराज अनंत नारायण सिंह सोमवार की लीला को स्थगित करने का आदेश देते हैं। तथा औपचारिक रूप से पांचों स्वरूपों यहीं आरती संपन्न होती है। लीला अगले दिन के लिए टाल दी जाती है।

महाराज को पीएसी के जवानों की सलामी

रामलीला में भरत की चतुरंगिणी सेना के रुप में शामिल पीएसी के जवानों की टुकड़ी ने महाराज अनंत नारायण सिंह को सशस्त्र सलामी दी। मान्यता है भरत की चतुरंगिणी सेना का नेतृत्व काशीनरेश करते हैं। लीला में पीएसी के जवान वर्षों से यह परंपरा निभाते हैं।

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