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रामनगर की रामलीला: सब कुछ गंवाकर युद्ध के मैदान में आया रावण, इतनी बार मूर्छित हुआ

रामनगर, वाराणसी: युद्ध में अपना सब कुछ गंवाने के बाद बाद रावण के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। सो आना पड़ा उसे युद्ध मैदान में। रावण था तो प्रचंड योद्धा। आते ही उसने श्रीराम की सेना को विचलित कर दिया। रावण स्वयं युद्ध के लिए आता है और अपनी सेना से कहता है लड़ाई से जिसका मन हट गया हो वह अभी से भाग जाएं। लड़ाई के मैदान से भागने में भलाई नहीं है। मैंने अपनी भुजाओं के बल पर बैर को बढ़ाया है। इसका जवाब भी मैं स्वयं…

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बड़ी बोल सबसे अलग 

इंस्टाग्राम वीडियो क्रिएटर्स: अजीबोगरीब हरकतें करते हुए पाए जाते हैं, हर जगह लोकेशन और हर पल…

व्यंग्य आजकल सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम वीडियो क्रिएटर्स की तादाद तेजी से बढ़ रही है, जिनका मुख्य ध्येय अब लोगों को मनोरंजन के नाम पर “कंटेंट” परोसना रह गया है। सड़कों, पार्कों और घरों के कोनों में मोबाइल फोन लेकर अजीबोगरीब हरकतें करते हुए ये लोग नजर आते हैं, मानो जिंदगी का एकमात्र लक्ष्य वीडियो में हाथ घुमाना, डायलॉग मारना, और कुछ ‘ट्रेंड’ फॉलो करना हो। एक वीडियो क्रिएटर ने कहा, “अरे भई, अब तो हर सुबह उठते ही यही सोचते हैं कि आज कौन सा ‘चैलेंज’ या ‘ट्रेंड’ फॉलो…

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शारदीय नवरात्र 2024: एक ही दिन अष्टमी-नवमी, जानिए माता महागौरी और सिद्धिदात्री का पूजन, भोग विधान

पंडित लोकनाथ शास्त्री वाराणसी: इस वर्ष शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथियां एक ही दिन पड़ने के कारण देवी भक्तों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ और महत्त्वपूर्ण हो गया है। 11 अक्टूबर 2024, शुक्रवार को एक साथ माता महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन का विधान होगा। इस दिन देवी के इन दोनों रूपों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा के साथ उचित भोग का अर्पण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। माता महागौरी की पूजा और भोग विधान माता महागौरी को…

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10 अक्टूबर: इतिहास के पन्नों में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाएं और महान हस्तियों का जन्मदिन

10 अक्टूबर के दिन ने इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और महान व्यक्तियों के जन्म के कारण अपनी खास जगह बनाई है। आइए जानते हैं भारत और विश्व के इतिहास में इस दिन की प्रमुख घटनाओं के बारे में: 10 अक्टूबर की ऐतिहासिक घटनाएं 10 अक्टूबर को जन्मी प्रमुख हस्तियां 10 अक्टूबर की अन्य प्रमुख घटनाएं इस प्रकार 10 अक्टूबर का दिन इतिहास में अपनी महत्वपूर्ण जगह बनाकर हमें अतीत की गौरवशाली घटनाओं और हस्तियों की याद दिलाता है।

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नवरात्रि में तीन दिन का उपवास: पूर्ण व्रत के समान फल प्राप्त करने का मार्ग, महाअष्टमी तिथि का विशेष महत्व

पंडित लोकनाथ शास्त्री वाराणसी: यदि कोई व्यक्ति संपूर्ण नवरात्र के उपवास नहीं कर सकता तो सप्तमी, अष्टमी और नवमी (इस वर्ष 10, 11 और 12 अक्टूबर) को उपवास कर देवी दुर्गा की पूजा करने से उसे पूरे नवरात्रि व्रत का फल प्राप्त होता है। 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से पहले उपवास खोलने का समय शास्त्रों के अनुसार निर्धारित है। नवरात्रि के दौरान उपवास के साथ-साथ शुद्ध आचरण बनाए रखना आवश्यक है। झूठ बोलने, कपट, चोरी या किसी और की वस्तु का अनुचित उपयोग करने से बचना चाहिए। इस…

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रामनगर की रामलीला: कुम्भकरण और मेघनाद मारे गए, रावण मूर्छित, होश आने पर बोला- सब प्रपंच ब्रह्मा ने किया

रामनगर, वाराणसी: कहते हैं कि जब विपत्ति आती है तो आदमी की मति पहले ही गुम हो जाती है। रावण के साथ तो यही हुआ भी। अहंकार के दानव ने उसको इतना आकंठ घेर लिया कि प्रभु श्रीराम से ही बैर ले बैठा। मंदोदरी, विभीषण और यहां तक कि कुंभकरण ने भी समझाया लेकिन विनाशकाले विपरीत बुद्धि। सब कुछ खो बैठा रावण। भाई, बंधु, कुटुंब, रिश्तेदार, नातेदार सब। और जब मेघनाद भी काल की भेंट चढ़ गया तो वह मूर्छित ही हो गया। रामलीला के तेइसवें दिन रावण के दूत…

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पर्दे के पीछे के खिलाड़ी: ऐसे अज्ञात नायक जो बिना क्रेडिट के सामने वाले को चमका देते हैं

व्यंग्य कहते हैं कि हर बड़ा आदमी तभी बड़ा होता है, जब उसके पीछे कोई पर्दे के पीछे का खिलाड़ी हो। वैसे पर्दे के पीछे का खिलाड़ी सिर्फ राजनीति या खेल तक सीमित नहीं है। घर से लेकर ऑफिस तक हर जगह ये अज्ञात नायक होते हैं, जो बिना किसी क्रेडिट के अपने हुनर से सामने वाले को चमका देते हैं। हमारे मोहल्ले में भी एक पर्दे के पीछे का खिलाड़ी है, नाम है- छोड़िए नाम में क्या रखा है। वैसे तो लगता है कि ये अज्ञात नायक छोटे-मोटे काम…

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शारदीय नवरात्र 2024: भगवती को धार चढ़ाने का महत्व, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य भी समाहित

वाराणसी: भारत में देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के दौरान विभिन्न अनुष्ठानों और परंपराओं का पालन किया जाता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण रस्म है भगवती को धार चढ़ाना। यह प्रथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य भी समाहित हैं। आइए, जानते हैं कि भगवती को धार चढ़ाने का महत्व क्या है और इसे कैसे किया जाता है। धार चढ़ाने का अर्थ भगवती को धार चढ़ाना एक विशेष अनुष्ठान है, जिसमें श्रद्धालु देवी-देवताओं के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को दर्शाते हैं। धार का…

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दिल्ली सबसे अलग 

9 अक्टूबर: भारत और विश्व के इतिहास में महत्वपूर्ण घटनाएं और जन्मदिन

9 अक्टूबर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और यादगार घटनाओं से भरा हुआ है। इस दिन ने ऐतिहासिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अपना एक विशेष स्थान बनाया है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें और कौन-कौन से प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। 9 अक्टूबर की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं 9 अक्टूबर को जन्मे प्रमुख व्यक्ति 9 अक्टूबर की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं महत्वपूर्ण बदलाव 9 अक्टूबर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से…

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नवरात्र में कलश स्थापना के समय क्यों बोया जाता है जौ: जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

वाराणसी: नवरात्रि के पर्व में कलश स्थापना और घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश स्थापना के साथ ही एक और महत्वपूर्ण परंपरा है जौ (जवारे) बोने की। हर साल नवरात्र के पहले दिन, जब कलश स्थापित किया जाता है, तो उसके साथ जौ भी बोए जाते हैं। यह धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में जौ को उर्वरता, समृद्धि और जीवन का प्रतीक माना जाता है। जब नवरात्रि के दौरान जौ बोए जाते हैं, तो यह…

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