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पेड़ से लटकी मिली युवक की लाश: सोशल मीडिया के जरिए हुई पहचान, खुदकुशी या कुछ और?

वाराणसी: भटपुरवा कला गांव की सुबह बुधवार को उस वक्त खौफ और रहस्य में बदल गई, जब ग्रामीणों ने एक पेड़ से युवक की लटकती लाश देखी। गांव में इस घटना से हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ घटनास्थल पर इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत चोलापुर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान सूरज कुमार गोड (35), पुत्र अशोक कुमार गोड निवासी ग्राम तरवां, आजमगढ़ के रूप में हुई। सूरज चोलापुर थाना क्षेत्र के उदयपुर…

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धर्म-कर्म पूर्वांचल वाराणसी 

बोलो सच्चे दरबार की जय: सातवें दिन मां कालरात्रि के दर्शन को काशी में भीड़, जयकारे से गूंजा दरबार

वाराणसी: शारदीय नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को काशी में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मां कालरात्रि के दर्शन-पूजन किए। विश्वनाथ मंदिर के पास कालिका गली स्थित मां कालरात्रि के मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव से नारियल, चुनरी, माला-फूल के साथ मां के दर्शन किए और जयकारे लगाए। मां कालरात्रि के दरबार में सुबह मंदिर का पट खुलते ही भक्तों ने “बोलो सच्चे दरबार की जय” के जयकारों के बीच दर्शन किए। मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का मानना…

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शारदीय नवरात्र 2024: भगवती को धार चढ़ाने का महत्व, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य भी समाहित

वाराणसी: भारत में देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के दौरान विभिन्न अनुष्ठानों और परंपराओं का पालन किया जाता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण रस्म है भगवती को धार चढ़ाना। यह प्रथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य भी समाहित हैं। आइए, जानते हैं कि भगवती को धार चढ़ाने का महत्व क्या है और इसे कैसे किया जाता है। धार चढ़ाने का अर्थ भगवती को धार चढ़ाना एक विशेष अनुष्ठान है, जिसमें श्रद्धालु देवी-देवताओं के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को दर्शाते हैं। धार का…

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दिल्ली सबसे अलग 

9 अक्टूबर: भारत और विश्व के इतिहास में महत्वपूर्ण घटनाएं और जन्मदिन

9 अक्टूबर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और यादगार घटनाओं से भरा हुआ है। इस दिन ने ऐतिहासिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अपना एक विशेष स्थान बनाया है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें और कौन-कौन से प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। 9 अक्टूबर की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं 9 अक्टूबर को जन्मे प्रमुख व्यक्ति 9 अक्टूबर की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं महत्वपूर्ण बदलाव 9 अक्टूबर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से…

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नवरात्र में कलश स्थापना के समय क्यों बोया जाता है जौ: जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

वाराणसी: नवरात्रि के पर्व में कलश स्थापना और घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश स्थापना के साथ ही एक और महत्वपूर्ण परंपरा है जौ (जवारे) बोने की। हर साल नवरात्र के पहले दिन, जब कलश स्थापित किया जाता है, तो उसके साथ जौ भी बोए जाते हैं। यह धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में जौ को उर्वरता, समृद्धि और जीवन का प्रतीक माना जाता है। जब नवरात्रि के दौरान जौ बोए जाते हैं, तो यह…

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नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा: जानें क्या लगाएं भोग, जीवन की सभी बाधाएं होंगी दूर

वाराणसी: नवरात्रि के सातवें दिन देवी के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। यह दिन शक्ति साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि माँ कालरात्रि तमाम नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं और भक्तों को भय और कष्टों से मुक्ति दिलाती हैं। इस दिन माँ की पूजा विधि-विधान से करने पर विशेष कृपा प्राप्त होती है। कौन हैं माँ कालरात्रि? माँ कालरात्रि देवी दुर्गा के उग्र और भयानक स्वरूप के रूप में मानी जाती हैं। इनके स्वरूप से अज्ञान और अंधकार का नाश होता है, और…

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धर्म-कर्म वाराणसी 

पंडाल बनाने में लगे 10 दिन: सुरक्षा के लिहाज से सीसी कैमरे भी लगाए गए, इस क्लब ने की दुर्गा पूजा की जोरदार तैयारी

अभिषेक त्रिपाठी मिर्जामुराद, वाराणसी: गौर गांव (बंगलाचट्टी) में शिव शक्ति युवा क्लब द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा के तहत पूजा पंडाल का निर्माण कार्य मंगलवार को लगभग पूरा हो गया। कारीगरों द्वारा मां दुर्गा का पंडाल पिछले 10 दिनों से सजाया जा रहा था, और अब यह अपने अंतिम रूप में आ चुका है। कमेटी के अध्यक्ष मनोज बिन्द और उपाध्यक्ष राजन सोनकर ने बताया कि बुधवार की सुबह मां की प्रतिमा मंच पर विराजमान की जाएगी। साथ ही, पंडाल के अगल-बगल भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान कार्तिकेय और माता सरस्वती…

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वाराणसी शिक्षा 

छात्राओं ने मचाया धमाल: डांडिया नृत्य प्रतियोगिता से गुंज उठा स्व. वंशनारायण सिंह महिला महाविद्यालय

अभिषेक त्रिपाठी मिर्जामुराद, वाराणसी: गौर गांव स्थित स्व. वंशनारायण सिंह महिला महाविद्यालय में मंगलवार को दुर्गापूजा महोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य डांडिया नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने गुजरात के पारंपरिक गरबा नृत्य से धमाल मचा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक और भाजपा नेता संजीव सिंह गौतम ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। उन्होंने सभी छात्राओं को दुर्गापूजा की शुभकामनाएं दी और कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमारी संस्कृति का एहसास बढ़ता है। उन्होंने छात्राओं से…

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2024 शारदीय नवरात्र: अष्टमी और नवमी एक दिन, दिव्य संयोग पर मां महागौरी के साथ माता सिद्धिदात्री का भी पूजन

पंडित लोकनाथ शास्त्री वाराणसी: 2024 में शारदीय नवरात्र का अष्टमी और नवमी का पर्व 11 अक्टूबर को एक ही दिन मनाया जाएगा। इस दिन मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का पूजन विशेष रूप से किया जाएगा। इस दिन माता महागौरी और माता सिद्धिदात्री की पूजा के साथ कन्या पूजन का भी विधान रहेगा। आइए जानते हैं इन देवी रूपों के महत्त्व, पूजन विधि और उनसे जुड़ी कथाएँ। माँ महागौरी: तपस्या और शुद्धता की देवी महागौरी का पूजन और उनका स्वरूप माँ महागौरी का पूजन अष्टमी तिथि को किया जाता है।…

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रामनगर की रामलीला: मेघनादने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर लक्ष्मण को किया मूर्छित, संजीवनी न पहचानने पर हनुमान पूरा पहाड़ ले आए

रामनगर, वाराणसी: रावण तो पूरी तरह अंहकार में डूबा हुआ था। इतना अहंकार कि पत्नी का कहा भी नही माना। भाई ने मना किया तो लंका से ही निकाल दिया। युद्ध टालने का श्रीराम का आखिरी प्रयास भी जब असफल रहा तो सिर्फ और सिर्फ एक ही विकल्प बचा था वह था युद्ध। तो शुरू हो ही गया वह युद्ध जो धर्म की अधर्म पर श्रेष्ठता के लिए लड़ा जाना था। वह युद्ध जो सत्य की असत्य पर विजय के लिए लड़ा जाना था। रामलीला के बाइसवें दिन श्रीराम लंका…

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