अपराध उत्तर प्रदेश पूर्वांचल वाराणसी 

झूला ब्रांड ऑयल कारोबारी झुनझुनवाला के यहां छापेमारी: Varanasi सहित सात राज्यों में 10 ठिकानों पर रेड, फाइलें और कंप्यूटर कब्जे में लिए गए

Varanasi : प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने झूला ब्रांड ऑयल कारोबारी दीनानाथ झुनझुनवाला के ऑफिस पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में छापेमारी की।

मिली जानकारी के मुताबिक, असिस्टेंट डायरेक्टर की अगुवाई में छापेमारी की गई। दीनानाथ झुनझुनवाला पर पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ोदा से करीब 900 करोड़ के फ्रॉड करने का आरोप है। रेड वाराणसी सहित सात राज्यों में 10 ठिकानों पर पड़ी थी।

फाइलें और कंप्यूटर कब्जे में ले लिए गए। वाराणसी के उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। उनके वाराणसी स्थित आवास सहित सात राज्यों के 10 ठिकानों पर सुबह 7 बजे एक साथ छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान किसी को भी अंदर-बाहर जाने की इजाजत नहीं मिली। सभी के मोबाइल जब्त कर लिए गए। बाहर पुलिस के जवान भी तैनात किए गए थे। याद होगा, झुनझुनवाला के खिलाफ 2019 में CBI ने करीब 900 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज किया था। फिर, मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ED की एंट्री हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक, ED ने दो लैपटॉप और कई फाइलों को कब्जे में लिया है। दीनानाथ झुनझुनवाला चार से पांच दशक पहले फेरी लगाकर कपड़ा बेचते थे। बाद में उन्होंने झूला ब्रांड डालडा (वनस्पति तेल) बनाना शुरू किया, जो यूपी-बिहार में काफी मशहूर रहा।

10 ठिकानों पर दस्तावेजों को खंगाला गया

दीनानाथ झुनझुनवाला का आवास वाराणसी में नाटी इमली में है। ED की एक टीम शुक्रवार सुबह 7 बजे आवास पहुंची। वहीं, 2 टीमों ने आशापुर और हिरामनपुर की ऑयल मिल में छापा मारा। वहीं, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तराखंड सहित देश में झुनझुनवाला के 10 ठिकानों पर दस्तावेजों को खंगाला गया।

900 करोड़ का फ्रॉड करने का आरोप

दीनानाथ झुनझुनवाला पर पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ोदा से करीब 900 करोड़ का फ्रॉड करने का आरोप है। झुनझुनवाला और उनके परिवार ने 11 बैंकों से करोड़ों का लोन लिया था। लेकिन, अब तक लौटाया नहीं है। उनकी कंपनी जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड सबसे बड़ी कर्जदार है।

लोन लिए और उसे लौटाया नहीं

आरोप है कि बैंकर्स से मिलीभगत कर लोन लिए और उसे लौटाया नहीं। खास बात यह है कि स्टॉक और बैलेंस शीट की गलत जानकारी देने के बावजूद बैंकों ने करोड़ों की क्रेडिट लिमिट दे दी थी।

2019 में CBI ने जेवीएल एग्रो पर केस दर्ज किया था

जेवीएल एग्रो पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक सहित देशभर की अलग-अलग बैंक शाखाओं से बड़ा लोन अमाउंट है। 2019 में CBI ने जेवीएल एग्रो पर केस दर्ज किया था। CBI केस के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

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