गई भैंस पानी में: जाने के मायने बदले, यहां है भैंस और इंसान की दुर्दशा का आधुनिक चित्रण
व्यंग्य भैंस अब भी भैंस है, पर इंसान? लगता है इंसान को भैंसों से भी ज्यादा बदलने की जरूरत है। पुराने जमाने में जब किसी काम में गड़बड़ होती थी, तो बड़े-बूढ़े एक कहावत कहते थे – “गई भैंस पानी में!” यानी समझ लो कि काम खराब हो गया। लेकिन अब? भैंसों का पानी में जाना तो एक अलग ही ट्रेंड बन चुका है। आजकल, भैंसें न केवल पानी में जा रही हैं, बल्कि उनका हॉट टब और स्विमिंग पूल का भी सपना पूरा हो रहा है। इंसान भले ही…
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