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रामनगर की रामलीला: बाली मरा गया, किष्किंधा में सुग्रीव राज, जामवंत के बताने पर हनुमान को बल का भान हुआ

रामनगर, वाराणसी: रामलीला के अट्ठारहवें दिन राम और सुग्रीव की मित्रता के प्रतीक के रूप में एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जब भगवान श्रीराम ने बालि का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया। श्रीराम की वचनबद्धता उनके चरित्र का एक अभिन्न हिस्सा है, और इस दिन का नाट्य प्रदर्शन दर्शकों को मित्रता और बलिदान की गहरी शिक्षा देता है। सुग्रीव के साथ मित्रता की कसम खाते हुए श्रीराम ने बालि को हराने का वचन दिया। बालि की पत्नी तारा ने सुग्रीव को युद्ध से रोकने की कोशिश की, लेकिन…

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शारदीय नवरात्रि 2024: चौथे दिन होती है मां कुष्मांडा की पूजा, भक्तों को चमक, स्पष्टता और गहन शांति प्रदान करती हैं माता

पंडित लोकनाथ शास्त्री माँ कुष्मांडा देवी दुर्गा का चौथा स्वरूप हैं। नवरात्रि के चौथे दिन देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है। उनकी दिव्य चमक, जो उनकी मुस्कान के रूप में शारीरिक चित्रण में दिखाई देती है, ने उस प्रकाश का निर्माण किया जिसने कभी विशाल अंधकार को भर दिया। उन्हें ब्रह्मांड का निर्माण करने वाली के रूप में जाना जाता है। कुछ लोगों द्वारा उन्हें सूर्य की माता माना जाता है, वे सूर्य की गर्मी, प्रकाश और स्पष्टता को पृथ्वी पर लाती हैं। वे सूर्य में निवास करती हैं…

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अपराध ऑन द स्पॉट धर्म-कर्म वाराणसी 

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर: सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को दिए गए निर्देश, इन 10 बिंदुओं पर फोकस

वाराणसी: श्रीकाशी विश्वनाथ कारिडोर के त्रम्बकेश्वर हॉल में सुरक्षा ड्यूटी में लगे सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अमित कुमार श्रीवास्तव ने ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी के दौरान SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) का सख्ती से पालन करने के साथ-साथ कर्तव्यों के निर्वहन और उचित व्यवहार के निर्देश दिए। दिशा-निर्देश यह दिशा-निर्देश पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और दर्शनार्थियों के साथ उचित व्यवहार बनाए रखने के उद्देश्य से दिए गए हैं।

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हाथी बाजार में दुर्गा प्रतिमा स्थापित: भक्तों ने की जयकार, युवाओं ने किया गरबा नृत्य

सेवापुरी, वाराणसी: स्थानीय विकासखंड के हाथी बाजार में शुक्ल पक्ष के दिन संकल्पित ग्रामीणों के सहयोग से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान भक्तों ने रातभर मां दुर्गा के जयकारे लगाए, वहीं गांव के कुछ युवाओं ने उत्साहपूर्वक गरबा नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। समाजसेवी नीरज सिंह ने इस अवसर पर बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दुर्गा पूजा पंडाल में हर रात नए-नए कलाकार अपनी विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे…

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शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़, उपासना करने से मिलती है विशेष सिद्धि

वाराणसी: शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें दुर्गाघाट स्थित मंदिर पर देखी गईं। सुबह होते ही भक्तगण मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर के बाहर एकत्रित होने लगे। मां की भव्य आरती और पूजन-अर्चन के बाद भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की और मां के दर्शन से निहाल हो गए। मां ब्रह्मचारिणी का महत्त्व: मां ब्रह्मचारिणी, देवी दुर्गा का दूसरा रूप हैं, जिनके पूजन से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी का…

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सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की धूम: नवरात्रि में भक्त साझा कर रहे आस्था और उल्लास, सबसे ट्रेंडिंग हैश जान रहे हैं?

वाराणसी: नवरात्रि का पर्व भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है, और इस बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस पर्व की खुशियों का खासा जलवा देखने को मिल रहा है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस् पर भक्तजन अपनी भावनाएं, शुभकामनाएं, और माता दुर्गा के प्रति श्रद्धा को साझा कर रहे हैं। इस दौरान लोग अपने-अपने अंदाज में नवरात्रि की शुभकामनाएं भेज रहे हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक, और एक्स जैसे प्लेटफार्म पर भक्त माता रानी की तस्वीरें, भजन और नवरात्रि से संबंधित वीडियो शेयर कर रहे हैं। इस बीच,…

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माता जगदंबा को भोग लगाने के लिए विशेष व्यंजन: श्रद्धा और स्वाद का संगम, प्रसाद बनाने की विधि है बहुत सरल

वाराणसी: नवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान माता जगदंबा को भोग लगाने के लिए भक्तगण विभिन्न प्रकार के विशेष व्यंजन तैयार करते हैं। ये व्यंजन केवल स्वादिष्ट नहीं होते, बल्कि इनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी होता है। अगर आप भी अपने घर में माता को भोग लगाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां कुछ सरल और खास व्यंजन हैं, जिन्हें आप आसानी से बना सकते हैं। 1. कूटू का आटा का हलवा कूटू के आटे का हलवा नवरात्रि में विशेष रूप से बनाया जाता है। इसे घी,…

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मां भगवती को पान चढ़ाने की परंपरा: श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक, कठिनाइयों से पार पाने की शक्ति मिलती है

वाराणसी: हिंदू संस्कृति में मां भगवती को पान चढ़ाने की परंपरा एक अद्भुत धार्मिक आस्था का प्रतीक है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा, और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भक्तगण मां को पान अर्पित करते हैं, जो केवल एक रसिक श्रद्धा का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसका गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। पान, जो कि सुपारी और चूना के साथ एकत्रित किया जाता है, मां भगवती की कृपा और आशीर्वाद के लिए एक विशेष भोग माना जाता है। भक्तों का मानना है कि पान अर्पित करने से मां भगवती उनके…

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नवरात्रि में सत चंडी पाठ: शक्ति और समृद्धि का आह्वान, होती है इच्छित फल की प्राप्ति

वाराणसी: नवरात्रि के पावन अवसर पर सत चंडी पाठ का विशेष महत्व है, जिसे देवी शक्ति का आह्वान और समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह पाठ मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना और उनके आशीर्वाद से जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति के लिए किया जाता है। क्या है सत चंडी पाठ? सत चंडी पाठ एक विशेष अनुष्ठान है, जिसमें देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन करने वाले ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ किया जाता है। यह पाठ देवी महात्म्य के नाम से भी प्रसिद्ध…

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रामनगर की रामलीला: पक्षीराज जटायु को मोक्ष, शबरी ने श्रीराम को जूठे बेर अर्पित किए, लंका जलने के दिन नजदीक

रामनगर, वाराणसी: रामनगर में चल रही रामलीला ने एक बार फिर दर्शकों को अपने अद्भुत प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के 17वें दिन, जब श्रीराम ने सीता को खोजने के लिए निकल पड़े, तो उनकी आंखों में आंसू और दिल में दुःख की लहर थी। “हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी, तुम देखी सीता मृगनयनी!” का उद्घोष सुनकर आस्थावानों के हृदय की धड़कनें तेज हो गईं। इस लीला के मंच पर श्रीराम और लक्ष्मण ने पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों से सीता के बारे में पूछना शुरू किया। उनके शोक का…

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