शारदीय नवरात्रि 2024: तृतीया को होती है मां चंद्रघंटा की उपासना, आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं माता, जानिए पूजन विधि
पंडित लोकनाथ शास्त्री नवरात्रि की तृतीया को होती है देवी चंद्रघंटा की उपासना। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। मां चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है। उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का उपासना मंत्र- पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादे तनुते मां चंद्रघण्टेति विश्रुता।। महामंत्र – ‘या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै…
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