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तेल लगाने के फायदे: एक ऐसी विधा जिसमें कायदे नहीं ओन्ली फायदे, & फायदे, और फायदे

व्यंग्य तेल लगाने का महत्व सिर्फ सिर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के हर हिस्से में व्याप्त है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप समय-समय पर तेल न लगाएं तो आपके बाल, नौकरी और रिश्ते तीनों ही सही रास्ते पर चल सकते हैं। और तो और, तेल लगाने की प्राचीन परंपरा हमें यह सिखाती है कि बालों के साथ-साथ, लोगों के दिलों और दिमाग पर भी तेल लगाना कितना जरूरी है। हमारे मोहल्ले के शर्मा जी को ही ले लीजिए। जब तक शर्मा जी अपने बॉस…

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धर्म-कर्म वाराणसी सबसे अलग 

नवरात्रि में सत चंडी पाठ: शक्ति और समृद्धि का आह्वान, होती है इच्छित फल की प्राप्ति

वाराणसी: नवरात्रि के पावन अवसर पर सत चंडी पाठ का विशेष महत्व है, जिसे देवी शक्ति का आह्वान और समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह पाठ मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना और उनके आशीर्वाद से जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति के लिए किया जाता है। क्या है सत चंडी पाठ? सत चंडी पाठ एक विशेष अनुष्ठान है, जिसमें देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन करने वाले ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ किया जाता है। यह पाठ देवी महात्म्य के नाम से भी प्रसिद्ध…

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दिल्ली सबसे अलग 

4 अक्टूबर का इतिहास: भारत और विश्व की प्रमुख घटनाएं, इस दिन इन लोगों का जन्म हुआ

नई दिल्ली: 4 अक्टूबर का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है, जिनका असर भारत और दुनिया पर गहरा रहा है। इस दिन विज्ञान, राजनीति, संगीत और साहित्य से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों का जन्म भी हुआ, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया। 4 अक्टूबर की प्रमुख घटनाएं 4 अक्टूबर को जन्मे प्रमुख व्यक्ति 4 अक्टूबर: अन्य खास बातें निष्कर्ष 4 अक्टूबर का दिन इतिहास में विज्ञान, कला, राजनीति और सामाजिक आंदोलनों में अपने खास योगदान के लिए याद किया जाता है। यह दिन हमें प्रेरणा…

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रामनगर की रामलीला: पक्षीराज जटायु को मोक्ष, शबरी ने श्रीराम को जूठे बेर अर्पित किए, लंका जलने के दिन नजदीक

रामनगर, वाराणसी: रामनगर में चल रही रामलीला ने एक बार फिर दर्शकों को अपने अद्भुत प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के 17वें दिन, जब श्रीराम ने सीता को खोजने के लिए निकल पड़े, तो उनकी आंखों में आंसू और दिल में दुःख की लहर थी। “हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी, तुम देखी सीता मृगनयनी!” का उद्घोष सुनकर आस्थावानों के हृदय की धड़कनें तेज हो गईं। इस लीला के मंच पर श्रीराम और लक्ष्मण ने पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों से सीता के बारे में पूछना शुरू किया। उनके शोक का…

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शारदीय नवरात्रि 2024: तृतीया को होती है मां चंद्रघंटा की उपासना, आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं माता, जानिए पूजन विधि

पंडित लोकनाथ शास्त्री नवरात्रि की तृतीया को होती है देवी चंद्रघंटा की उपासना। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। मां चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है। उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का उपासना मंत्र- पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादे तनुते मां चंद्रघण्टेति विश्रुता।। महामंत्र – ‘या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै…

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शारदीय नवरात्रि 2024: दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, आइए जानते हैं इस दिन की खास बातें

पंडित लोकनाथ शास्त्री नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान और तप की देवी कहा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी ने ही भगवान शिव को पति रूप प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। आइए जानते हैं इस दिन की खास बातें…. नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ‘देवी ब्रह्मचारिणी’ रूप की पूजा करने का विधान है। मां ब्रह्मचारिणी के दाएं हाथ में माला और बाएं हाथ में कमण्डल है। शास्त्रों में बताया गया है कि मां दुर्गा…

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भगवती को सबसे प्रिय है सफेद हलवा का भोग: नवरात्रि में विशेष महत्व, इन चीजों को भी भोगों के रूप में कर सकते हैं अर्पित कर सकते हैं

नवरात्रि के दौरान देवी भगवती के पूजन में विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं, लेकिन सफेद हलवा देवी को सबसे प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफेद हलवा न केवल देवी को अत्यंत प्रिय है, बल्कि इससे भक्तों को उनके आशीर्वाद की प्राप्ति भी होती है। इस प्रसाद का विशेष महत्व है क्योंकि सफेद रंग को पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है, जो देवी के स्वरूप को दर्शाता है। सफेद हलवा का आध्यात्मिक महत्व पौराणिक कथाओं के अनुसार, सफेद हलवे का भोग देवी को शीतलता…

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नवरात्र में खानपान को लेकर सजग रहें: इन बातों का रखें ध्यान, गलती पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली: नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है और देशभर में माता के भक्त उपवास और विशेष खानपान के नियमों का पालन कर रहे हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पवित्र पर्व के दौरान व्रत रखने वालों को अपने खानपान में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है ताकि स्वास्थ्य सही रहे और ऊर्जा भी बनी रहे। गलत खानपान से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए इन दिनों भोजन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इन बातों का रखें ध्यान: सजग रहें, स्वस्थ…

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3 अक्टूबर: भारत और विश्व के इतिहास में आज का दिन, इन महत्वपूर्ण शख्सियतों का हुआ जन्म

नई दिल्ली: 3 अक्टूबर का दिन भारत और विश्व के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है। इस दिन कई ऐतिहासिक घटनाएं घटीं और कई महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया। भारत और विश्व में 3 अक्टूबर की ऐतिहासिक घटनाएं: 3 अक्टूबर को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व: 3 अक्टूबर की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं: 3 अक्टूबर का दिन इतिहास में एक खास महत्व रखता है और इस दिन जन्मे व्यक्तित्वों ने भारत और विश्व को अपने क्षेत्रों में नए आयाम दिए।

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रामनगर की रामलीला: सूपर्णखा की नाक कटी, नियति ने रावण का अंत तय किया, नवग्रह के आजाद होने का समय नजदीक

वाराणसी, रामनगर: रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में जब श्रीराम और रावण का महायुद्ध पास आता है, तो उसकी पटकथा सूपर्णखा की कटी नाक से लिखी जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, यह घटना राक्षसों के विनाश और अधर्म के अंत का प्रारंभ है। सूपर्णखा, रावण की बहन, श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर उन पर मोहित हो जाती है और राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम उसे लक्ष्मण के पास भेज देते हैं, लेकिन लक्ष्मण भी उसे अस्वीकार कर देते हैं। कई बार ठुकराए जाने के बाद, सूपर्णखा…

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