उत्तर प्रदेश धर्म-कर्म पूर्वांचल राजनीति वाराणसी 

वाराणसी दौरे पर CM Yogi: बाबा कालभैरव के दर्शन से की शुरुआत, विकास योजनाओं और स्वच्छता अभियान पर फोकस

वाराणसी: सीएम योगी ने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत बरसात के बीच बाबा कालभैरव की पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी मत्था टेका। दौरे के दौरान पीएम मोदी के 74वें जन्मदिन पर 74 किलो लड्डू का वितरण और शहीद उद्यान से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का स्थान बदलकर दशाश्वमेध घाट से शहीद उद्यान किया गया। सीएम ने विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया, जो रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया था। इसके अलावा, पीएम विश्वकर्मा…

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रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला का आगाज आज: रावण जन्म और रामावतार से उठेगा दुनिया के सबसे अनोखे रंगमंच का पर्दा

वाराणसी: रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला का शुभारंभ आज होने जा रहा है, जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यह प्रतिष्ठित लीला पूरे एक माह तक चलेगी, जिसमें न केवल देश के कोने-कोने से बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होंगे। मंगलवार शाम 5 बजे रामबाग लीला स्थल पर रावण जन्म और रामावतार की भविष्यवाणी के साथ ही इस ऐतिहासिक रंगमंच का पर्दा उठेगा। कुतुलुपुर स्थित मां दुर्गा मंदिर के सामने स्थित रामबाग पोखरा क्षीर सागर के रूप में सजकर भक्तों का स्वागत…

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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के संदेश की प्रासंगिकता: जीवन के हर पहलू में अनुशासन और आदर्श का महत्व

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम भारतीय संस्कृति के आदर्श नायक माने जाते हैं, जिनकी जीवनशैली और सिद्धांत आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं। उनका जीवन हर व्यक्ति के लिए अनुशासन, सत्य, धर्म, और आदर्शों का प्रतीक है। भगवान राम ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए जो संदेश दिया, वह मानवता और समाज के लिए आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना तब था। आज के समाज में जब विभाजन और संघर्ष बढ़ते जा रहे हैं, राम का सर्वधर्म समभाव का संदेश समाज में शांति और सहिष्णुता लाने में मददगार…

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वाराणसी: ईद-मिलादुन्नबी के जुलूस में ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसैलाब, धूमधाम से मनाया गया पर्व

पंकज मिश्रा वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-मिलादुन्नबी (बारावफात) का पर्व सोमवार को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहावाबाद मस्जिद से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसका नेतृत्व सेराज शाह और अख्तर शाह ने किया। जुलूस में बड़े-बूढ़े, बच्चे और युवा शामिल थे, जो ‘सरकार की आमद मरहबा’ और नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हुए डीजे की धुनों पर उत्साहपूर्वक चलते रहे। जुलूस का मार्ग यह जुलूस शहावाबाद मस्जिद से शुरू होकर जगतपुर, बीकापुर, और दरेखू होते हुए मीरा शाह बाबा के मजार…

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वाराणसी में ईद मिलादुन्नबी का कदीमी जुलूस: रात भर गूंजे ‘सरकार की आमद मरहबा’, अंजुमनों ने पढ़ी नबी की शान में नात

वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाकों में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर भव्य कदीमी जुलूस का आयोजन किया गया। रविवार रात से लेकर सोमवार अलसुबह तक पूरे शहर में “सरकार की आमद मरहबा” के नारे गूंजते रहे। यह जुलूस हड़हा सराय मैदान से शुरू हुआ और नया चौक, छत्तातला, चौक, दालमंडी होते हुए सुबह 6 बजे बेनियाबाग स्थित कटरा बंशीधर पर समाप्त हुआ। जुलूस की शानदार सजावट और धार्मिक उल्लास रात 10 बजे शुरू हुए जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोग नबी की शान में नातिया कलाम पेश करते रहे। जुलूस…

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वास्तु के अनुसार रंगों का महत्व: जानें कौन सा रंग किसके लिए है सबसे सही

हमारे जीवन में रंगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और वास्तु शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक रंग का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव होता है। सही रंग का चयन न केवल आपके वातावरण को सुंदर बनाता है, बल्कि आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। जानिए वास्तु के अनुसार कौन सा रंग किसके लिए सही है: 1. लाल रंग लाल रंग को शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग घर या कार्यालय में मुख्य दरवाजे के पास लगाने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती…

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गणपति बप्पा मोरिया: गणेश चतुर्थी पर भव्य सांस्कृतिक आयोजन

नीरज सिंह वाराणसी, सेवापुरी: स्थानीय विकास खंड के ग्रामसभा हाथी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर त्रम्बकेस्वर महादेव कमेटी गुवा द्वारा एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संध्या महाआरती और भव्य सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की शुरुआत नीरज सिंह द्वारा संध्या महाआरती से हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बच्चों ने भक्ति गीत, संगीत, मराठी नृत्य, और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित एक लघु नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भंडारे का आयोजन और सम्मान सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद, भंडारे का…

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वाराणसी: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने संस्कृत विद्यालयों को वाद्य यंत्र किए प्रदान

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संस्कृत महाविद्यालयों और माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वाद्य यंत्र प्रदान किए गए। गुरुवार को न्यास परिषद के अनुमोदन के बाद श्री हनुमान संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चौकाघाट, और रानी पद्मावती तारा योगतंत्र आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, इंद्रपुर, शिवपुर को वाद्य यंत्रों का एक सेट (हारमोनियम, ढोलक, तबला, मंजीरा, ढपली) सौंपा गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास शिक्षा के संरक्षण और प्रोत्साहन के प्रति निरंतर प्रयासरत है और इस पहल के जरिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक…

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पितृपक्ष 2024: तिथियां और आध्यात्मिक महत्ता, इस तारीख को है सर्वपितृ अमावस्या

नई दिल्ली: इस वर्ष पितृपक्ष 29 सितंबर 2024 से शुरू होकर 14 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो रहा है। पितृपक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण समय माना जाता है। यह अवधि पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से समर्पित है। इस दौरान, परिवार के लोग अपने पितरों (पूर्वजों) के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करते हैं। आध्यात्मिक मान्यता हिन्दू धर्म में यह विश्वास किया जाता है कि पितृपक्ष के दौरान हमारे पितर पृथ्वी पर आते…

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मां गंगा: भारतीय संस्कृति का आध्यात्मिक प्रवाह, बनारसियों के लिए आत्मा का प्रतीक

वाराणसी: भारतीय उपमहाद्वीप में गंगा सिर्फ एक नदी नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। इनके निर्मल जल में न केवल भारत की आध्यात्मिक धारा बहती है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं का अमूल्य अंग भी हैं। सदियों से गंगा भारतीय जीवन का हिस्सा रही हैं, जिसे हिन्दू धर्म में मां का दर्जा दिया गया है। बनारसियों के सिए यह आत्मा का प्रतीक हैं। गंगा का उल्लेख कई पौराणिक कथाओं में मिलता है, खासकर “महाभारत” और “रामायण” जैसे ग्रंथों में। मान्यताओं के अनुसार, गंगा…

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