रामनगर की रामलीला: श्रीराम ने जयंत की एक आंख फोड़ी, राक्षस विराज मारा गया
रामनगर, वाराणसी: प्रसिद्ध रामलीला के पंद्रहवें दिन एक अत्यधिक भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग मंचित किया गया, जिसमें श्रीराम ने अपने दिव्य धैर्य, करुणा और न्याय का परिचय दिया। भरत के अयोध्या लौटने के बाद, श्रीराम, सीता और लक्ष्मण चित्रकूट से पंचवटी की ओर बढ़ रहे थे। वन में उनका स्वागत देवताओं और ऋषियों द्वारा हुआ, लेकिन इसी बीच एक अप्रत्याशित घटना ने सबका ध्यान खींचा। इंद्र के पुत्र जयंत ने कौवे का रूप धारण कर सीता माता के चरणों में चोंच मारी, जिससे उनका पैर लहूलुहान हो गया। यह दृश्य…
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