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पितृपक्ष में क्या नहीं करना चाहिए: धार्मिक आस्था और सावधानियां, इन गलतियों को बिल्कुल मत करिएगा

नई दिल्ली: पितृपक्ष, जिसे ‘श्राद्ध पक्ष’ के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में आत्माओं को सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक महत्वपूर्ण समय है। इस अवधि के दौरान कुछ विशेष सावधानियों का पालन करना आवश्यक है, ताकि श्रद्धा और आस्था बनी रहे। जानिए, पितृपक्ष में क्या नहीं करना चाहिए: पितृपक्ष का समय हमारे पूर्वजों को सम्मान देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित है। इन सावधानियों का पालन करके हम इस धार्मिक अनुष्ठान की गरिमा को बनाए रख सकते हैं।

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धर्म-कर्म वाराणसी 

सोरहिया मेला का भव्य समापन: भगवती श्री संतानलक्ष्मी की आराधना से हुई दिव्य अनुभूति

अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी: सोरहिया मेला, जो आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम है, का भव्य समापन आज भगवती श्री संतानलक्ष्मी जीवित्पुत्रिका माता व्रत पूजा के साथ हुआ। यह मेले का आयोजन वाराणसी के लक्सा स्थित भगवती महालक्ष्मी मंदिर में 16 दिनों तक चलता है, और इसे श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाता है। महंत अवशेष पांडेय (कल्लू महाराज) ने बताया कि आज के दिन विशेष रूप से महिलाएं भगवती का दर्शन एवं पूजन करती हैं, साथ ही कथा सुनकर बिना नमक का व्रत रखती हैं। मान्यता है कि जो…

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जिउतिया पूजा के दौरान सर्पदंश से हड़कंप: ग्राम प्रधान की पत्नी को सांप ने डसा, मची भगदड़

पंकज मिश्रा वाराणसी: राजातालाब थाना क्षेत्र के महगांव स्थित डीह बाबा के मंदिर पर जिउतिया पूजा के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब ग्राम प्रधान अमरनाथ यादव की 35 वर्षीय पत्नी उर्मिला यादव को सर्प ने डस लिया। इस घटना से पूजा स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद महिलाएं पूजा का सामान छोड़कर भाग खड़ी हुईं। घटना के वक्त महिलाएं जिउतिया पूजा के लिए मंदिर में इकट्ठी हुई थीं, तभी अचानक झुंड में बैठी उर्मिला यादव को सांप ने डंस लिया। सर्पदंश की खबर फैलते ही वहां हड़कंप…

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रामनगर की रामलीला: श्रीराम वनगमन, श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा, साथ चल पड़ी अयोध्या, आस्था, पौराणिकता और समर्पण की अनूठी कथा

वाराणसी, रामनगर: रामनगर की रामलीला, विश्वविख्यात है, जहां हर दृश्य में पौराणिकता की गहराई और आस्था का अटूट बंधन झलकता है। बुधवार की शाम को जब रामलीला के नौवें दिन श्रीराम के वनगमन की लीला का मंचन हुआ, तो समूचे रामनगर में भावनाओं का सागर उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे भगवान श्रीराम के वन की ओर प्रस्थान का दृश्य सामने आया, श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। यह केवल लीला नहीं, बल्कि वह क्षण था जब आस्था और सांस्कृतिक महत्व एकाकार हो गए। श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम और समर्पण की प्रतिमूर्ति श्रीराम…

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शारदीय नवरात्र 2024: देवी आराधना का पर्व, आस्था का उत्सव

शारदीय नवरात्र का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें माता दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व है। इस अवसर पर श्रद्धालु माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। नवरात्र के पहले दिन, घरों और मंदिरों में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्तजन विशेष रूप से कलश स्थापना करते हैं, जिसमें जल और अनाज रखकर देवी का स्वागत किया जाता है। इस पर्व के दौरान भक्तजन सुबह-शाम देवी के भजन-कीर्तन करते हैं, जिससे वातावरण भक्ति और आस्था से ओतप्रोत…

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जीवित्पुत्रिका व्रत 2024: माताओं का पर्व, संतान के जीवन की कामना

जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका पर्व के नाम से भी जाना जाता है, हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। यह विशेष पर्व माताओं द्वारा अपनी संतान के जीवन और समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन माताएँ उपवासी रहकर विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और अपने बच्चों के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हैं। इस पर्व के दौरान महिलाएँ व्रत के नियमों का पालन करते हुए विशेष रूप से पूजा सामग्री एकत्र करती हैं। इस दिन विशेष रूप से ‘जीवित्पुत्रिका’ की पूजा की…

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पितृपक्ष में किस रंग के तिल का क्या महत्व है: जानें धार्मिक और पारंपरिक धारणाएं

पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की महत्ता सबसे अधिक मानी जाती है। इन कर्मकांडों में तिल का विशेष स्थान होता है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल के विभिन्न रंगों का पितरों की संतुष्टि और तृप्ति में अलग-अलग महत्व है। तिल का उपयोग न केवल पवित्रता का प्रतीक है, बल्कि यह पितरों को मोक्ष और शांति प्रदान करने में सहायक माना जाता है। काले तिल: पितरों की तृप्ति और मोक्ष के लिए पितृपक्ष के दौरान काले तिल का उपयोग सबसे अधिक…

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रामनगर की रामलीला में अयोध्याकांड शुरू: कैकेयी का तिरिया चरित्र, छाया संकट का बादल, आरती के साथ कोप भवन की लीला को विश्राम दिया गया

वाराणसी, रामनगर: रामलीला के आठवें दिन, कैकेयी ने तिरिया चरित्र का ऐसा प्रदर्शन किया कि अयोध्या के राजमहल में खुशी की लहरें एक पल में उदासी में बदल गईं। कल तक अयोध्या का राजमहल मंगल गीतों से गूंज रहा था, लेकिन आज कैकेयी की मांग ने सब कुछ बदल दिया। राजा दशरथ को अपने पुत्र श्रीराम के लिए चौदह वर्ष का वनवास पर मजबूर कर दिया। यह क्षण केवल दशरथ के लिए नहीं, बल्कि पूरी अयोध्या के लिए एक अपार दुःख का समय बन गया। अयोध्या कांड की शुरुआत कैकेयी…

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रामनगर की रामलीला: जब तें रामु ब्याहि घर आए, नित नव मंगल मोद बधाए, अयोध्या में चार बहुओं का आगमन

वाराणसी, रामनगर: जब तें रामु ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाए।। भुवन चारिदस भूधर भारी। दरअसल, आज अयोध्या की गली-गली में खुशियों का माहौल था। वजह थी चार बहुओं के चरणों का आंगन में आना, जिसमें प्रमुख थीं जनकनन्दिनी सीता। उनका राम के साथ मिलन केवल एक दैवीय संयोग नहीं, बल्कि अयोध्या की समृद्धि का प्रतीक भी था। भावुक प्रसंग का मंचन रामलीला के सातवें दिन, भावुक प्रसंगों का मंचन हुआ। राजा जनक ने विदाई से पूर्व राजा दशरथ को जेवनार के लिए आमंत्रित किया। सभी ने एक…

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Navratri Durga Puja 2024: शक्ति उपासना का पर्व और आशीर्वाद की प्राप्ति के उपाय

नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना का अनूठा अवसर है, जो न केवल आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि जीवन में शक्ति, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार भी करता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि शक्ति के बिना शिव भी कुछ नहीं हैं। शक्ति आराधना के उपाय आशीर्वाद की प्राप्ति शक्ति आराधना के दौरान यदि भक्त मन से श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करते हैं, तो माँ दुर्गा का आशीर्वाद अवश्य मिलता है। यह आशीर्वाद न केवल भौतिक सुख प्रदान करता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास…

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