कॉपी & पेस्ट: आधुनिक समाज का “सृजनात्मक” संकट, वर्ड डॉक्यूमेंट में ‘Ctrl+C’ और ‘Ctrl+V’ का मेल
व्यंग्य आजकल का दौर कॉपी और पेस्ट का है। गुरु! लोग समझते हैं कि दुनिया की सारी समस्याओं का हल सिर्फ इन दो शब्दों में है। जैसे ही कोई काम करना हो, फटाक से कॉपी करो और पेस्ट मार दो। भले ही दिमाग की मेहनत को आराम मिल जाए, लेकिन इस कॉपी-पेस्ट की क्रांति ने सृजनात्मकता को चारों खाने चित्त कर दिया है। पहले जमाना था जब लेखक रात भर मशक्कत करते, शब्दों को सजाते, विचारों में घंटों डूबते और फिर जाकर एक लाइन लिखते थे। अब? एक क्लिक और…
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